दालमंडी बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ याचिका खारिज:वाराणसी ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ थी याचिका, कोर्ट ने कहा-राहत नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दाल मंडी इलाके में मकानों को जर्जर घोषित करने और उन्हें गिराने के नोटिस को लेकर वाराणसी नगर निगम के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका खारिज कर दी। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने याची वाराणसी नगर निगम पार्षद फरजाना बीबी के वकील और वाराणसी नगर…

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43 साल पुराने हत्या मामले में दो दोषी बरी:हाईकोर्ट ने कहा- संदेह का लाभ आरोपियों को मिले, ट्रायल कोर्ट से हुई थी सजा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 1981 के गैर इरादतन हत्या मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए 43 साल बाद दो दोषियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा और ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों का सही कानूनी दृष्टिकोण से मूल्यांकन नहीं…

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जान बचाने के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता कम हुई- हाईकोर्ट:बदायूं एसएसपी को फटकार लगाई, नागरिक सुरक्षा में पुलिस का रवैया खराब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पुलिस के रवैये पर गहरी असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मानव जीवन की रक्षा करना राज्य की प्राथमिक चिंता होनी चाहिए, न कि केवल हत्यारों को न्याय के कटघरे में लाना। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की पीठ ने एक कड़े बयान में कहा…

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प्रशासनिक अधिकारी नहीं मान रहे सुप्रीम कोर्ट का आदेश:प्रमुख सचिव गृह, वित्त नियंत्रक मुख्यालय से हाईकोर्ट ने पूछा क्या कदम उठाएं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह उप्र लखनऊ व वित्त नियंत्रक पुलिस मुख्यालय लखनऊ से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि अधिक वेतन भुगतान की सेवानिवृत्ति के बाद वसूली पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने कहा…

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भगोड़े आरोपियों का मुकदमा कैसे चलेगा?:हाईकोर्ट ने ट्रायल' की पूरी प्रक्रिया बताई, आदेश सभी अफसरों भेजा जाए

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि यदि कोई घोषित भगोड़ा आरोपी जानबूझकर गिरफ्तारी और मुकदमे से बचता है तो उसकी अनुपस्थिति में भी आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकता है। अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 356 के तहत अनुपस्थिति में ट्रायल की विस्तृत प्रक्रिया निर्धारित की। जस्टिस प्रवीण कुमार…

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आशुतोष महाराज हिस्ट्रीशीट रद्द कराने हाईकोर्ट पहुंचे:शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज कराया है पाक्सो एक्ट में मुकदमा

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज पाक्सो मामले के प्रथम सूचना दाता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा खोली गई अपनी हिस्ट्रीशीट को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने पुलिस निगरानी रजिस्टर से अपना नाम हटाने की भी मांग की है। आशुतोष महाराज ने…

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आई लव मोहम्मद पोस्ट मामले में हाईकोर्ट ने दी ज़मानत:मुजफ्फरनगर का मामला, कहा था सिर कटवा सकता हूं, काट भी सकता हूं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ऐसे व्यक्ति को ज़मानत दी जिस पर अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर यह पोस्ट करने का आरोप था कि वह आई लव मोहम्मद के लिए अपना सिर कटवा भी सकता है और दूसरों का सिर काट भी सकता है। जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला की बेंच ने यह टिप्पणी की कि आवेदक द्वारा…

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प्राइवेट प्रैक्टिस वाले डॉक्टरों की उच्च स्तरीय जांच होगी:हाईकोर्ट ने यूपी चीफ सेक्रेटरी को निर्देश दिया, प्रयागराज के डॉक्टर्स पर कार्रवाई हो

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज के प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डाक्टरों की उच्च स्तरीय जांच करायें और कार्रवाई करें। साथ ही स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में फंड की उपलब्धता के बावजूद पिछले 20 साल से निर्माणाधीन कार्डियोलॉजी भवन की मानीटरिंग करने को कहा है । फंड…

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आबादी की जमीन पर सार्वजनिक नमाज नहीं : हाईकोर्ट:कोर्ट ने कहा-सामाजिक संतुलन बिगाड़ने वाली धार्मिक प्रथाओं की शुरुआत नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी किया कि किसी ऐसी धार्मिक प्रथा या उपयोग की शुरुआत या विस्तार, जो पहले से प्रचलित नहीं थी, विशेष रूप से यदि वह मौजूदा सामाजिक संतुलन को बिगाड़ती है तो उसे संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत संरक्षण प्राप्त नहीं है। खंडपीठ ने आगे कहा कि राज्य के लिए…

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कानून का अस्तित्व नहीं और दिया तलाक का आदेश:हाईकोर्ट ने फैसले को लापरवाही वाला कहा, फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बांदा फैमिली कोर्ट द्वारा पारित तलाक की डिक्री रद्द करते हुए कड़ी टिप्पणी की कि अदालत ने ऐसे कानून के तहत तलाक दिया, जिसका अस्तित्व ही नहीं है। हाईकोर्ट ने संबंधित न्यायिक अधिकारी के फैसले को अत्यंत लापरवाह और अनौपचारिक बताते हुए उसकी कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताई। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस…

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