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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने रविवार सुबह सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ)-2025 की मुख्य परीक्षा से पहले एक अभ्यर्थी को बड़ी राहत दी। न्यायालय ने परीक्षा शुरू होने से लगभग तीन घंटे पूर्व आयोग को निर्देश दिया कि अभ्यर्थी को मेन्स परीक्षा में शामिल किया जाए। यह अंतरिम आदेश न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की विशेष पीठ ने अभ्यर्थी शालिनी पाण्डेय की याचिका पर उनके आवास पर सुबह करीब छह बजे सुनवाई के बाद पारित किया। मुख्य न्यायाधीश के प्रशासनिक आदेश पर इस विशेष पीठ का गठन किया गया था। निर्धारित समय पर अपलोड किए थे दस्तावेज याची की ओर से अधिवक्ता अनुराग त्रिपाठी ने दलील दी कि शालिनी पाण्डेय ने निर्धारित समय पर ऑनलाइन आवेदन और सभी आवश्यक दस्तावेज आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किए थे। उन्होंने दस्तावेजों की हार्ड कॉपी भी स्पीड पोस्ट से सत्यापन के लिए भेजी थी। इसके बावजूद आयोग ने बिना किसी सूचना के उनका आवेदन निरस्त कर दिया। शालिनी को 22 जून को इस निरस्तीकरण की जानकारी मिली, जबकि वह प्रारंभिक परीक्षा पहले ही उत्तीर्ण कर चुकी थीं। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आयोग से पूछा कि क्या अभ्यर्थी को उसी दिन होने वाली मुख्य परीक्षा में शामिल किया जा सकता है। आयोग ने बताया कि परीक्षा शुरू होने में अभी समय है और लखनऊ केंद्र पर ऐसी व्यवस्था संभव है। इसके बाद न्यायालय ने आयोग को शालिनी पाण्डेय को मुख्य परीक्षा में बैठने देने का निर्देश दिया। न्यायालय ने याची को आवेदन निरस्त किए जाने के आदेश को अलग से चुनौती देने की भी स्वतंत्रता प्रदान की।
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संडे सुबह 6 बजे लखनऊ हाईकोर्ट खुला:एपीओ अभ्यर्थी को मेन्स परीक्षा में मिली राहत, एग्जाम शुरू होने के 3 घंटे पहले आया आदेश