![]()
गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 37 सेंटीमीटर घट गया है। गंगा बैराज के 30 गेट खोले जाने के बाद पानी का अधिक हुआ , जिससे जलस्तर में कमी दर्ज की गई। इसके साथ ही नरौरा और हरिद्वार से आने वाले पानी में भी कमी आई है, जिसका असर गंगा के जलस्तर पर दिखाई दिया। रविवार सुबह शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 110.16 मीटर दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार को यह 110.53 मीटर था। हालांकि जलस्तर घटने के बावजूद बाढ़ का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। गंगा किनारे बसे गांवों में खेतों में फसलों को लेकर किसानों की चिंता बनी हुई है। घाटों पर कुछ राहत, लेकिन सतर्कता जारी
पिछले दिनों जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने गंगा बैराज का निरीक्षण किया था। कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई थीं। अब जलस्तर घटने से कुछ घाटों पर पानी सीढ़ियों से नीचे उतर गया है, लेकिन 37 सेंटीमीटर की कमी से स्थिति में बहुत बड़ा बदलाव नहीं माना जा रहा है। वोट क्लब अक्टूबर तक बंद, नाव संचालन पर रोक
गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद बैराज पर संचालित वोट क्लब को अक्टूबर तक बंद कर दिया गया है। बैराज क्षेत्र में नाविकों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल सैलानियों के लिए नाव संचालन की अनुमति नहीं है। सुरक्षा के मद्देनजर घाटों पर जल पुलिस की तैनाती की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले पानी के आधार पर गंगा के जलस्तर में फिर उतार-चढ़ाव हो सकता है।
Source link
24 घंटे में गंगा जलस्तर 37 सेमी घटा:कानपुर से 42,284 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया, हरिद्वार नरौरा से आया कम पानी