संभल के यम तीर्थ के लिए पहला बैनामा:₹17.84 लाख में भूमि खरीदी, रात में खुला रजिस्ट्री कार्यालय


संभल के यम तीर्थ के लिए पहला भूमि बैनामा निष्पादित किया गया है। यह बैनामा शासन-प्रशासन द्वारा दो साल पहले शुरू की गई एक मुहिम का परिणाम है। इस भूमि खरीद पर ₹17,84,000 की लागत आई है, जिसे संभल शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शुक्रवार रात 9 बजे संभल के रजिस्ट्री कार्यालय में यम तीर्थ के लिए भूमि बैनामा प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह अपनी राजस्व टीम के साथ मौहल्ला हल्लू सराय स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में मौजूद रहे। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि दो साल पहले संभल को एक दंगाग्रस्त शहर के रूप में जाना जाता था। हालांकि, संभल निवासियों के निरंतर प्रयासों के बाद, धर्मार्थ कार्य विभाग ने उत्तर प्रदेश के 75 जिलों के लिए ₹700 करोड़ की परियोजनाओं को स्वीकृति दी। इसमें से ₹300 करोड़ अकेले जनपद संभल को आवंटित किए गए हैं। तहसीलदार के अनुसार, इस आवंटित राशि का उपयोग यम तीर्थ के विकास के लिए किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस परियोजना के पूरा होने पर संभल शहर अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के समकक्ष खड़ा होगा। यम तीर्थ में दो प्रवेश द्वार हैं। मुख्य प्रवेश द्वार पहले से ही सुगम था, लेकिन दूसरा प्रवेश द्वार, जो पास की कॉलोनी को जोड़ता है, एक निजी भूखंड के कारण अवरुद्ध था। इस अवरोध को दूर करने के लिए अब यह भूखंड ₹16,52,000 में खरीद लिया गया है, जिससे दूसरे द्वार का रास्ता भी साफ हो गया है। इस खरीद के बाद यम तीर्थ पर अब कोई बाधा नहीं है। इससे पहले, 12 जून को इस्कॉन ट्रस्ट ने यम तीर्थ पर भूमि पूजन किया था। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यम तीर्थ शहर के मध्य एक बहुत ही खूबसूरत और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में विकसित होगा। स्थानीय निवासी अनिल रस्तोगी ने इस पहल को शहर के लिए एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे शहर का विकास होगा और सरकार ने भी इस परियोजना में पूरा सहयोग दिया है। रस्तोगी ने इसे शहरवासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि एक तीर्थ के उद्धार से सभी का उद्धार होगा।

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