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मऊ में एडीजे/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट छांगुर राम की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी सद्दाम चूड़ीवाला को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 23 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन के अनुसार, मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि आरोपी सद्दाम चूड़ीवाला ने एक नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने पैरवी की। अभियोजन ने अपने पक्ष में कुल आठ गवाह न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद एडीजे/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट छांगुर राम ने आरोपी सद्दाम चूड़ीवाला को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 23 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इसी मामले में आरोपी अनिल कुमार और विद्या देवी को भारतीय दंड संहिता की धारा 504 एवं 506 के तहत दोषी पाया गया। न्यायालय ने दोनों को तीन माह की परिवीक्षा पर सदाचार बनाए रखने का निर्देश दिया है। वहीं, मामले के एक अन्य आरोपी संदीप कुमार को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों से साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
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नाबालिग से दुष्कर्म दोषी को 20 साल की सजा:मऊ में कोर्ट ने 23 हजार का लगाया जुर्माना, शादी का झांसा देकर भगाने का आरोप