झांसी में भाई-भतीजों ने अधेड़ की पीट-पीटकर हत्या की:चचेरे भाई को भी किया अधमरा, चाचा ने शराब के लिए डिस्पोजल गिलास देने से किया था मना


झांसी के चिरगांव थाना क्षेत्र के नरी गांव में शराब पीने के लिए डिस्पोजल गिलास न देने पर भतीजों ने अपने पिता के साथ मिलकर सगे चाचा और उनके बेटे पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल चाचा की मेडिकल कॉलेज में तीन दिन तक चले इलाज के बाद मंगलवार तड़के मौत हो गई। पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। अब विस्तार से मामला समझिए… नरी गांव निवासी रामनाथ कुशवाहा (55) ने 29 जुलाई को आषाढ़ माह की घटोरिया पूजा के अवसर पर खेत पर बकरे की बलि देकर भोज रखा था। भोज में उनके भाई विजय सिंह, राम किशन और विशुन समेत अन्य रिश्तेदार शामिल हुए। भोजन के दौरान ही भतीजा राघवेंद्र शराब के नशे में रामनाथ के पास पहुंचा और शराब पीने के लिए डिस्पोजल गिलास मांगने लगा। रामनाथ ने यह कहते हुए गिलास देने से मना कर दिया कि पहले लोग खाना खा लें, बाद में गिलास ले जाना। कुछ देर बाद लाठी-डंडे लेकर लौटे आरोपी मृतक के छोटे बेटे दीपेंद्र ने बताया कि गिलास न मिलने से नाराज राघवेंद्र अपने घर चला गया था। कुछ ही देर बाद वह अपने भाई कालीचरण, पिता विजय सिंह उर्फ बुल्ला, चाचा विशुन व उसके बेटे आकाश के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर वापस आया। आते ही सभी ने रामनाथ और दीपेंद्र पर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। इस दौरान रिश्ते के भतीजे बंटी कुशवाहा बचाने पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें भी पीट दिया। दीपेंद्र ने बताया कि आरोपियों ने उनके पिता को तब तक पीटा, जब तक वह जमीन पर गिरकर बेहोश नहीं हो गए। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। तीन दिन बाद इलाज के दौरान मौत सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल रामनाथ, दीपेंद्र और बंटी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। रामनाथ की हालत गंभीर होने पर उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां तीन दिन तक इलाज चलने के बाद मंगलवार तड़के उनकी मौत हो गई। दीपेंद्र और बंटी का भी उपचार जारी है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। बेटा बोला- मुझे मारना चाहते थे चचेरे भाई मृतक के बेटे दीपेंद्र ने आरोप लगाया कि हमलावर पहले से मन ही मन रंजिश रखते थे और उनकी हत्या करना चाहते थे। हालांकि, आरोपियों से उनका पहले से कोई विवाद नहीं था। बताया कि उन्होंने, “सबसे पहले हमला मुझ पर किया गया। जान बचाने के लिए मैं अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। मुझे लगा था कि पिता बीच में आए हैं तो आरोपी उनका सम्मान करेंगे, लेकिन उन्होंने रिश्तों की भी परवाह नहीं की और उन्हें बेरहमी से पीट दिया।” पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज मंगलवार को रामनाथ की मौत की सूचना मिलने के बाद चिरगांव थाना प्रभारी निरीक्षक बलिराज शाही मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृतक रामनाथ के बड़े बेटे मंगल सिंह कुशवाहा की तहरीर के आधार पर आरोपी राघवेंद्र, उसके भाई कालीचरण, पिता विजय सिंह उर्फ बुल्ला, चाचा बिशुन व उसके बेटे आकाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

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