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मिर्जापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र में दो दिन पहले सामने आई लूट की घटना पुलिस जांच में फर्जी निकली। रविवार शाम एसपी ऑपरेशन ने इस मामले का खुलासा किया। जांच में पता चला कि लूट की यह कहानी चालक और सेल्समैन ने खुद रची थी। दोनों ने बिक्री की रकम आपस में बांट ली थी। इसके बाद घटना को लूट का रूप देने के लिए उन्होंने वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई को बाजीराव कटरा निवासी व्यवसायी सचिन कटारे ने मड़िहान थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके चालक सुनील कुमार यादव और सेल्समैन राजकुमार प्रजापति 2 जुलाई को विभिन्न क्षेत्रों में माल की सप्लाई और बिक्री के बाद मिर्जापुर नगर लौट रहे थे। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बेला मंदिर के पास बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने बिक्री की रकम से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए। इस तहरीर के आधार पर मड़िहान थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन और क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया और घटना का शीघ्र खुलासा करने के निर्देश दिए। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, ह्यूमन इंटेलिजेंस और अन्य उपलब्ध प्रमाणों का गहन विश्लेषण किया। इसमें सामने आया कि चालक और सेल्समैन ने आर्थिक तंगी और बंधन बैंक के कर्ज के कारण सुनियोजित तरीके से बिक्री की पूरी वसूली की रकम आपस में बांट ली थी। पुलिस के अनुसार, लूट की कहानी को विश्वसनीय बनाने के लिए दोनों ने वाहन के अगले बाएं टायर को किसी नुकीले औजार या गिट्टी पर चढ़ाकर फाड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने गाड़ी में रखे जैक से वाहन का शीशा भी तोड़ दिया, ताकि घटना वास्तविक लूट जैसी लगे। दोनों ने मालिक और पुलिस को झूठी सूचना देकर गुमराह करने का प्रयास किया। पुलिस ने बताया कि विवेचना में कथित लूट की पुष्टि नहीं हुई। उपलब्ध साक्ष्यों से यह स्पष्ट हो गया कि पूरी घटना चालक और सेल्समैन द्वारा स्वयं रची गई थी। मामले में दोनों के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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मिर्जापुर में लूट की घटना फर्जी निकली:चालक-सेल्समैन ने हड़पे बिक्री के रुपये, पुलिस जांच में खुलासा