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लखनऊ के मदेयगंज से एक साल पहले लापता हुई 16 साल की किशोरी को लखनऊ पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने सीतापुर से बरामद कर लिया। मामले में बाराबंकी निवासी आरोपी सलमान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी किशोरी को शादी का झूठा झांसा देकर अपने साथ ले गया था और गांव में अपने परिवार के साथ रखकर उससे भीख मंगवाता था। पुलिस के अनुसार 18 अप्रैल 2025 को मदेयगंज थाने में किशोरी की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की जांच एएचटीयू को सौंप दी गई। टीम ने डिजिटल फुटप्रिंट, टेक्निकल साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और विभिन्न जिलों की पुलिस के सहयोग से लगातार तलाश की। जांच के दौरान मिले सुराग के आधार पर 29 जून 2026 को सीतापुर के महमूदाबाद क्षेत्र स्थित संकटा देवी मंदिर के पास से किशोरी को बरामद कर लिया गया। उस समय वह मंदिर के आसपास भीख मांग रही थी। पूछताछ में किशोरी ने पुलिस को बताया कि सलमान उसे शादी का भरोसा देकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद वह उसे अपने गांव ले गया, जहां परिवार के साथ रखा गया और उससे भीख मंगवाई जाती थी। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर 1 जुलाई को आरोपी बसंतपुर बड्डूपुर बाराबंकी निवासी सलमान को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। बरामदगी के बाद किशोरी को मेडिकल के बाद बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया, जहां से उसे राजकीय बाल गृह में सुरक्षित रखा गया है। मामले की विवेचना जारी है। 2026 में 10 गुमशुदा बच्चों को सकुशल बरामद किया अपर पुलिस उपायुक्त क्राइम किरन यादव ने बताया कि एएचटीयू उन मामलों की जांच करती है, जिनमें विशेषज्ञ और मजबूत विवेचना की जरूरत होती है। टेक्निकल विश्लेषण, डिजिटल फुटप्रिंट और अंतरजनपदीय बातचीत के जरिए टीम ने इस मामले का सफल खुलासा किया। उन्होंने बताया कि साल 2026 में एएचटीयू अब तक 10 गुमशुदा बच्चों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों से मिला चुकी है।
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लखनऊ में एक साल बाद मिली लापता किशोरी:शादी का झांसा देकर ले गया था युवक; गांव में रखकर भीख मंगवाता था