झांसी यूनिवर्सिटी ने जारी किया बीएड प्रवेश परीक्षा परिणाम:अलीगढ़ की वंदना सिंह ने किया यूपी टॉप, 4 लाख 107 अभ्यर्थियों को मिली रैंक


झांसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 का परिणाम मंगलवार को घोषित कर दिया गया। प्रदेशभर के 4 लाख से अधिक सफल अभ्यर्थियों में अलीगढ़ की वंदना सिंह ने पहला स्थान हासिल कर परीक्षा में टॉप किया है। अलीगढ़ के नितिन पचौरी दूसरे और जौनपुर की खुशी अजय मिश्रा तीसरे स्थान पर रहीं। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी की मौजूदगी में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने परीक्षाफल जारी किया। परिणाम घोषित होने के बाद मंत्रियों और अधिकारियों ने वीडियो कॉल के माध्यम से टॉप-10 अभ्यर्थियों से संवाद कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। 72 जिलों के 1011 केंद्रों पर हुई थी परीक्षा उत्तर प्रदेश शासन ने संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 के आयोजन की जिम्मेदारी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को सौंपी थी। 31 मई को प्रदेश के 72 जिलों में स्थापित 1011 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के लिए कुल 4,44,958 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें 2,72,659 महिलाएं, 1,72,297 पुरुष और 2 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी शामिल थे। पहली पाली में 4,00,499 और दूसरी पाली में 4,00,756 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। कासगंज और पीलीभीत में सर्वाधिक 95 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में सबसे कम 84 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। झांसी में उपस्थिति 86 प्रतिशत रही। 4 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को जारी की गई रैंक परीक्षाफल समिति द्वारा कम्प्यूटर आधारित मूल्यांकन और मैन्युअल सत्यापन के बाद कुल 4,00,107 अभ्यर्थियों को रैंक जारी की गई। इनमें 1,53,612 पुरुष, 2,46,494 महिला और एक ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी शामिल हैं। कला वर्ग के 2,48,452, विज्ञान वर्ग के 1,28,018, वाणिज्य वर्ग के 20,514 और कृषि वर्ग के 3,771 अभ्यर्थियों को रैंक प्रदान की गई है। AI और बायोमैट्रिक तकनीक से हुई निगरानी विश्वविद्यालय ने परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हाईटेक कमांड कंट्रोल रूम स्थापित किया था। आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर) के माध्यम से प्रदेश के सभी 1011 परीक्षा केंद्रों की लाइव निगरानी की गई। इसके लिए लगभग 22 हजार सीसीटीवी कैमरे और 5,651 बायोमैट्रिक मशीनें लगाई गई थीं। अभ्यर्थियों की पहचान के लिए फेस रिकग्निशन और फिंगरप्रिंट आधारित उपस्थिति प्रणाली का उपयोग किया गया। एआई आधारित निगरानी के जरिए परीक्षा केंद्रों, स्ट्रांग रूम और प्रवेश-निकास बिंदुओं पर नजर रखी गई। चार अभ्यर्थियों का परिणाम निरस्त परीक्षा के दौरान चार अभ्यर्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए पकड़े गए। अनुचित साधन प्रयोग समिति की संस्तुति पर इन सभी का परीक्षाफल निरस्त कर दिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि आधुनिक तकनीक और रियल टाइम मॉनिटरिंग की मदद से परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन तरीके से संपन्न कराई गई। परिणाम घोषणा के अवसर पर प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एमके अग्रवाल, सचिव अमृत त्रिपाठी, प्रमुख सलाहकार प्रो. एसपी सिंह, राज्य समन्वयक प्रो. सौरव श्रीवास्तव, सह राज्य समन्वयक प्रो. डीके भट्ट, प्रो. काव्या दुबे समेत विश्वविद्यालय के अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।

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