स्पोर्ट्स डेस्क14 मिनट पहले
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फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला देर रात स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। टूर्नामेंट के 96 साल के इतिहास में यह 23वां फाइनल होगा।
12वीं बार फाइनल मुकाबला यूरोप और लैटिन अमेरिका की टीम के बीच होने जा रहा है। इससे पहले इन दोनों महाद्वीपों की टीमों के बीच हुए 11 फाइनल में 8 बार लैटिन अमेरिकी टीमों ने खिताब जीता। यूरोप की टीम 3 बार ही टाइटल जीत पाई।
इतिहास का एक और पहलू अर्जेंटीना के फेवर में है। इससे पहले यूरोप के बाहर 11 वर्ल्ड कप हुए। इनमें से 9 बार लैटिन अमेरिकी टीम चैंपियन बनी। यूरोप की टीमें सिर्फ दो बार ही खिताब जीत पाई।
हालांकि, इससे स्पेन का दावा कमजोर नहीं होता। यूरोप की जिन दो टीमों ने यूरोप से बाहर वर्ल्ड कप जीता, उसमें एक स्पेन भी है। स्पेन ने 2010 में साउथ अफ्रीका में हुए वर्ल्ड कप में खिताब जीता था।
वर्ल्ड कप फाइनल से जुड़े 5 रोचक फैक्ट्स
1. वर्ल्ड कप की ट्रॉफी सिर्फ दो महाद्वीपों में बंटी
1930 से 2022 तक खेले गए 22 वर्ल्ड कप में सिर्फ यूरोप और लैटिन अमेरिका की टीमें ही चैंपियन बनी हैं। यूरोप ने पांच देशों के दम पर 12 और लैटिन अमेरिका ने तीन देशों के दम पर 10 खिताब जीते हैं। यानी 96 साल में कोई एशियाई, अफ्रीकी या उत्तरी अमेरिकी टीम वर्ल्ड चैंपियन नहीं बन सकी।

2. यूरोप के बाहर वर्ल्ड कप… तो लैटिन अमेरिका का दबदबा
यूरोप के बाहर अब तक 11 वर्ल्ड कप हुए हैं। इनमें 9 बार लैटिन अमेरिकी और सिर्फ 2 बार यूरोपीय टीम चैंपियन बनी है। स्पेन (2010) और जर्मनी (2014) ही यूरोप की ऐसी टीमें हैं, जिन्होंने यूरोप के बाहर हुए वर्ल्ड कप में खिताब जीता है।

3. अर्जेंटीना के पास 64 साल पुराना रिकॉर्ड दोहराने का मौका
अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। टीम ने 2022 में कतर में तीसरा वर्ल्ड कप जीता था। अगर वह न्यू जर्सी में स्पेन को हराकर खिताब बचाने में सफल रहती है, तो 1962 के बाद लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी।

अब तक सिर्फ दो देशों ने अपने विश्व कप खिताब का सफल बचाव किया है। इटली ने 1934 और 1938, जबकि ब्राजील ने 1958 और 1962 में लगातार दो बार ट्रॉफी जीती थी।

4. स्पेन ने पहला वर्ल्ड कप यूरोप के बाहर ही जीता था
स्पेन ने अपना इकलौता वर्ल्ड कप 2010 में साउथ अफ्रीका में जीता था। अब उसके सामने दूसरी ट्रॉफी जीतने के साथ-साथ गैर-यूरोपीय धरती पर लैटिन अमेरिका के लंबे वर्चस्व को चुनौती देने का मौका है।
स्पेन का वर्ल्ड कप सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2010 के खिताब के बाद टीम 2014, 2018 और 2022 में नॉकआउट से आगे नहीं बढ़ सकी। वहीं अर्जेंटीना पिछले चार वर्ल्ड कप में तीन बार सेमीफाइनल और दो बार फाइनल खेल चुका है।

5. फाइनल के आंकड़े किसके पक्ष में?
वर्ल्ड कप इतिहास में यूरोप और लैटिन अमेरिका की टीमें 11 बार फाइनल में आमने-सामने आई हैं। इनमें लैटिन अमेरिका ने 8 और यूरोप ने 3 बार जीत दर्ज की है।

जर्मनी सबसे ज्यादा 8 फाइनल खेलने वाली टीम है, लेकिन सबसे सफल टीम ब्राजील है, जिसने सात फाइनल में पांच बार ट्रॉफी जीती। अर्जेंटीना 2026 का फाइनल खेलते ही सातवीं बार खिताबी मुकाबले में उतरेगा।

भास्कर नॉलेज
1. भारत ने 1950 में खुद छोड़ दिया फीफा वर्ल्ड कप खेलने का मौका
1950 में भारत बिना कोई क्वालिफाइंग मैच खेले फीफा वर्ल्ड कप के लिए चुन लिया गया था। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि एशिया की कई टीमों ने टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया था, लेकिन ब्राजील तक लंबी यात्रा, ज्यादा खर्च, टीम की पूरी तैयारी न होना और उस समय ओलंपिक को ज्यादा महत्व दिए जाने के कारण अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने टीम को वर्ल्ड कप में नहीं भेजा। इसके बाद से आज तक भारत फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया है।

1950 की भारतीय फुटबॉल टीम की ग्रुप फोटो।
2. 1982 से हर फीफा वर्ल्ड कप की फुटबॉल पाकिस्तान में बन रही
1982 के स्पेन वर्ल्ड कप से लेकर 2026 वर्ल्ड कप तक लगभग हर आधिकारिक मैच बॉल पाकिस्तान के सियालकोट शहर में तैयार की गई है। 2026 वर्ल्ड कप की आधिकारिक गेंद ‘Trionda’ भी सियालकोट की फॉरवर्ड स्पोर्ट्स कंपनी ने एडिडास के लिए बनाई है।

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फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला आज स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होगा। टूर्नामेंट में दोनों टीमें 60 साल बाद आमने-सामने हो रही हैं। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में रात 12:30 बजे से मुकाबला खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
