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फर्रुखाबाद में आठ साल पुराने हत्या के प्रयास और बाजार में फायरिंग के मामले में चार दोषियों को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। इनमें पिता-पुत्र भी शामिल हैं। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 9 ने प्रत्येक दोषी पर 15,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह घटना 19 अप्रैल 2018 की सुबह करीब नौ बजे थाना मऊदरवाजा क्षेत्र में हुई थी। बच्चों की कहासुनी को लेकर हुए विवाद के बाद सुशील कुमार पर करीब 17 राउंड अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस हमले में सुशील कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। फायरिंग के दौरान एक राहगीर शिवम राठौर भी घायल हो गया था। घटना के बाद पूरे बाजार में दहशत फैल गई और भगदड़ मच गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान वादी अजय कुमार सहित छह गवाहों के बयान अदालत में दर्ज किए गए। मेडिकल रिपोर्ट और एक्स-रे में सुशील के हाथ में गोली के धातु कण मिलने की पुष्टि हुई थी, जो अहम सबूत बना। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने 16 जुलाई को टारजन, अमित कुमार उर्फ मल्टू (पुत्र सुभाष), सुभाष (पुत्र गुलजारी) और विक्की गिहार (पुत्र विक्रम) को दोषी करार दिया था।
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फर्रुखाबाद में पिता-पुत्र समेत चार को सजा:10 साल सश्रम कारावास, जुर्माना भी लगा, हत्या के प्रयास और फायरिंग का मामला