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तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को लोकसभा में अलग ग्रुप के रूप में मान्यता देने की मांग पर लोकसभा स्पीकर दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद फैसला लेंगे। PTI के मुताबिक, स्पीकर कार्यालय ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट को भी ईमेल भेजकर पक्ष मांगा है। सूत्रों के अनुसार, बागी सांसदों और TMC के आधिकारिक गुट की राय लेने के बाद ही कोई निर्णय होगा। यह फैसला संसद के मानसून सत्र से पहले लिया जा सकता है, जो आमतौर पर जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू होता है। इससे पहले रविवार को TMC के 20 बागी सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा था। इसमें उन्होंने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था और अपने गुट को नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय करने की जानकारी दी थी। बागी सांसद काकोली घोष दस्तिदार के मुताबिक, TMC के दो-तिहाई सांसदों ने इस प्रस्ताव के समर्थन में हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनका गुट NCPI में शामिल होगा और NDA का समर्थन करेगा। TMC के 17 बागी सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की थी… कानूनी राय के आधार पर होगा फैसला PTI के मुताबिक, स्पीकर इस मामले में कानून मंत्रालय की लिखित राय ले सकते हैं। मंत्रालय किसी सीनियर विधि अधिकारी से परामर्श के बाद अपनी राय देगा। सूत्रों का कहना है कि यह राय इसलिए ली जा रही है, ताकि स्पीकर का फैसला अदालत में चुनौती मिलने पर भी कानूनी जांच में टिक सके। एक्सपर्ट बोले- सांसद अपने स्तर पर विलय नहीं कर सकते पूर्व लोकसभा महासचिव और संवैधानिक विशेषज्ञ पीडीटी आचार्य के मुताबिक, संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत केवल कोई राजनीतिक दल ही दूसरे राजनीतिक दल में विलय कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी राजनीतिक दल का नेतृत्व विलय का फैसला करता है, तो उसके सांसद और विधायक उसका हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि सांसद या विधायक अपने स्तर पर किसी दूसरी पार्टी में विलय नहीं कर सकते। एक पूर्व चुनाव आयोग अधिकारी ने भी बागी सांसदों के NCPI में विलय के प्रस्ताव को ‘नई व्यवस्था’ बताया। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति का उल्लेख न तो दल-बदल कानून में है और न ही जनप्रतिनिधित्व कानून में। TMC का दावा- अभिषेक बनर्जी को सिर्फ 2 घंटे का समय मिला ANI के मुताबिक, TMC सूत्रों ने दावा किया कि स्पीकर कार्यालय ने 15 जून को दोपहर 2 बजे अभिषेक बनर्जी को ईमेल भेजकर उसी दिन शाम 4 बजे दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया था। सूत्रों के अनुसार, उस समय अभिषेक बनर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ में शामिल थे। उनके पास फोन या ईमेल देखने की सुविधा नहीं थी। TMC के मुताबिक, ईमेल भेजे जाने के करीब एक घंटे बाद सांसद कीर्ति आजाद को स्पीकर कार्यालय से फोन भी किया गया। इसके बाद कीर्ति आजाद स्पीकर कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को बताया कि अभिषेक बनर्जी ED की पूछताछ में व्यस्त हैं। उन्होंने बैठक के लिए दूसरी तारीख और समय देने का अनुरोध किया और स्पीकर की प्रक्रिया में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिया। 15 मई: बागी TMC सांसद बोले- NDA के साथ काम करेंगे TMC 20 बागी सांसदों में से 17 सांसद ने रविवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की थी। लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा था- TMC के दो-तिहाई लोकसभा सांसदों ने अलग गुट के रूप में मान्यता देने के लिए पत्र सौंपा है। उन्होंने कहा- हम PM मोदी के नेतृत्व में NDA के साथ काम करेंगे। ———— ये खबर भी पढ़ें… TMC के 20 बागी सांसदों का NCPI में विलय:3 साल पहले पति-पत्नी ने यह पार्टी बनाई; बैंक बैलेंस ₹75, नारा था- दलबदलू नेताओं को नकारो तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के विलय के बाद नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) चर्चा में है। रिकॉर्ड के अनुसार, 3 साल पहले 2023 में बंगाल के उत्तिया कुंडू और शेउली कुंडू नाम के कपल ने पार्टी की नींव रखी थी। NCPI के डॉक्यूमेंट्स में उत्तिया कुंडू पार्टी के अध्यक्ष हैं। पत्नी शेउली का नाम कोषाध्यक्ष के रूप में दर्ज है। पूरी खबर पढ़ें…
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TMC के दोनों गुटों का पक्ष सुनेंगे स्पीकर:ममता खेमे को भी बुलाया; बागी सांसदों के NCPI में विलय के दावे पर कानूनी राय लेंगे