Sharad Pawar NCP (SP) Denies NDA Rumors

मुंबई24 मिनट पहले

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मुंबई में 8 जुलाई को शरद पवार और  महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की मुलाकात हुई थी। - Dainik Bhaskar

मुंबई में 8 जुलाई को शरद पवार और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की मुलाकात हुई थी।

महाराष्ट्र की राजनीति में NCP (शरदचंद्र पवार) के NDA में शामिल होने या कांग्रेस में विलय की अटकलें तेज हैं। हालांकि, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने इन सभी चर्चाओं को पूरी तरह अफवाह बताया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को कमजोर करने और पार्टी कार्यकर्ताओं में भ्रम फैलाने के लिए ऐसी बातें फैलाई जा रही हैं। यह जानकारी उन्होंने मीडिया से बातचीत में दी।

इन अटकलों को उस समय और बल मिला, जब शरद पवार ने महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर 8 जुलाई को मुंबई में विधान भवन में हुई बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कक्ष में अपनी पार्टी के विधायकों से मुलाकात की। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और NCP (शरद पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल की मुलाकात भी चर्चा में रही।

हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर सफाई देते हुए एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह व्यावहारिक कारणों से लिया गया था। जयंत पाटिल ने बताया कि पार्टी के विधायक विधान भवन से रवाना होने से पहले शरद पवार से मिलना चाहते थे। लेकिन पवार की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें लंबी दूरी तक पैदल चलाना उचित नहीं था। उपमुख्यमंत्री का कार्यालय निकास द्वार के बिल्कुल नजदीक स्थित है, इसलिए सुविधा के लिहाज से वहीं बैठक करने का निर्णय लिया गया। शशिकांत बोले- अफवाह फैलाई जा रही

शशिकांत शिंदे ने कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से ही पार्टी के कांग्रेस में विलय या NDA में शामिल होने की अफवाहें लगातार फैलाई जा रही हैं, लेकिन इनमें कोई सच्चाई नहीं है। उनके मुताबिक, मौजूदा राजनीतिक हालात में पार्टी का पूरा ध्यान मजबूत विपक्ष तैयार करने, जनता के मुद्दे उठाने और सरकार को जवाबदेह बनाने पर है।

पार्टी के सांसद विधायक एकजुट

उन्होंने कहा कि शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में जाने के बाद ऐसी अटकलें और बढ़ी हैं कि कहीं NCP (SP) में भी टूट न हो जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के सभी सांसद और विधायक एकजुट हैं तथा कार्यकर्ताओं को इन अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

इसी बीच, पार्टी कार्यकर्ताओं की चिंता दूर करने के लिए शशिकांत शिंदे ने पुणे में जिला पदाधिकारियों की बैठक की। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त से पार्टी राज्यव्यापी अभियान शुरू करेगी। इसके तहत वरिष्ठ नेता हर जिले का दौरा कर संगठन को मजबूत करेंगे।

मुलाकातों से बढ़ी राजनीतिक चर्चा

महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर राज्य सरकार की उच्चस्तरीय समिति की बैठक में शरद पवार 28 साल बाद शामिल हुए। बैठक के बाद उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके कक्ष में शिष्टाचार मुलाकात की और वहीं अपनी पार्टी के विधायकों से भी मिले। पार्टी ने इसे अनौपचारिक मुलाकात बताया है।

दूसरी ओर, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और NCP (शरद पवार गुट) के नेता जयंत पाटिल की मुलाकात भी सामने आई। लगातार हो रही इन बैठकों के बाद राजनीतिक गलियारों में NDA और NCP (SP) के बीच नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई।

कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि NDA में शामिल होने की संभावना को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद हैं। जानकारी के मुताबिक, विधायक रोहित पवार ऐसे किसी भी फैसले के पक्ष में नहीं हैं और महाविकास आघाड़ी के साथ बने रहने के समर्थक बताए जा रहे हैं।

यह भी चर्चा है कि वह जल्द इस मुद्दे पर अपनी सार्वजनिक भूमिका स्पष्ट कर सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

संजय राउत बोले- उन्हें पूरा भरोसा शरद NDA में नहीं जाएंगे

शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा कि शरद पवार वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं, लेकिन एकनाथ शिंदे के कार्यालय में पार्टी की बैठक करना उचित नहीं था। उनके मुताबिक, जिन लोगों ने सरकार गिराई और गद्दारी की, उन्हें इस तरह राजनीतिक प्रतिष्ठा देना गलत संदेश देता है।

हालांकि, राउत ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें पूरा विश्वास है कि शरद पवार NDA में नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि शरद पवार की विचारधारा पर उन्हें कोई संदेह नहीं है, लेकिन एकनाथ शिंदे के कार्यालय में पार्टी बैठक से शिवसेना असहज हुई है।

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