ताजमहल में जलाभिषेक का मामला पहुंचा दुसरी कोर्ट:आज पक्षकार बनने की अर्जी पर होनी थी सुनवाई, योगी यूथ बिग्रड ने की है सावन में जल चढ़ाने की मांग


ताजमहल में सावन के दौरान जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और पूजा-अर्चना की अनुमति मांगने से जुड़े वाद की सुनवाई गुरुवार को नहीं हो सकी। मामला दूसरी अदालत में स्थानांतरित होने के कारण अब इसकी अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी। इस दौरान पक्षकार बनने की अर्जी पर भी सुनवाई टल गई। योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर द्वारा ताजमहल को ‘तेजोमहालय शिव मंदिर’ बताते हुए सावन माह में जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और पूजा-अर्चना की अनुमति के लिए दायर वाद अब अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-सप्तम रजत शुक्ला की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया है। पहले यह मामला लघुवाद न्यायालय में विचाराधीन था। गुरुवार को सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी की ओर से दायर पक्षकार बनने की अर्जी पर सुनवाई होनी थी, लेकिन अदालत बदलने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी। इससे पहले 5 मई को हुई सुनवाई में सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी के अधिवक्ता रईसउद्दीन ने ऑपरेशन के चलते समय मांगा था। अदालत ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए 9 जुलाई की तारीख तय की थी। 23 जुलाई 2024 को दायर किया गया था वाद कुंवर अजय तोमर ने अपने अधिवक्ता शिव आधार सिंह तोमर और अधिवक्ता झम्मन सिंह रघुवंशी के माध्यम से 23 जुलाई 2024 को यह वाद दायर किया था। वाद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीक्षण पुरातत्वविद् और भारत संघ को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका में सावन माह के दौरान जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और अन्य हिंदू पर्वों पर पूजा-अर्चना की अनुमति देने की मांग की गई है। पहले भी कोर्ट लगा चुका है जुर्माना मामले की 23 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई में कोर्ट ने सैयद इब्राहिम हुसैन जैदी पर केस की नकल बार-बार मांगने को लेकर 300 रुपये का जुर्माना लगाया था। वादी ने ASI को भी लिखा पत्र कुंवर अजय तोमर ने बताया कि उन्होंने ASI के अधीक्षण पुरातत्वविद् को पत्र लिखकर 30 जुलाई से शुरू होने वाले सावन माह के चारों सोमवार को हिंदू श्रद्धालुओं के लिए ताजमहल में निशुल्क प्रवेश और पूजा-अर्चना की अनुमति देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उर्स और ईद के अवसर पर ताजमहल में विशेष व्यवस्था की जा सकती है, तो सावन के सोमवार को भी श्रद्धालुओं के लिए सुविधा दी जानी चाहिए। तेजोमहालय होने का दावा वादी कुंवर अजय तोमर का दावा है कि ताजमहल मूल रूप से ‘तेजोमहालय’ नाम का भगवान शिव का मंदिर था। इसी आधार पर उन्होंने पूजा-अर्चना की अनुमति की मांग की है। हालांकि, ताजमहल को तेजोमहालय या शिव मंदिर बताए जाने के दावे को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और स्थापित ऐतिहासिक अभिलेख स्वीकार नहीं करते। यह दावा फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और इस पर कोई न्यायिक फैसला नहीं आया है।

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