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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) घाटमपुर में बुधवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने अस्पताल की ओपीडी, प्रयोगशाला, एक्स-रे यूनिट, दंत चिकित्सा कक्ष, टीकाकरण कक्ष व आपातकालीन सेवाओं का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षणके समय तक अस्पताल में 245 नए मरीजों का पंजीकरण हो चुका था, जबकि 96 पुराने मरीज दोबारा परामर्श के लिए पहुंचे थे। प्रयोगशाला में 32 लोगों की जांच की गई थी, जिनमें 11 गर्भवती महिलाएं भी शामिल थीं। ओपीडी में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी ने चिकित्सकों की उपलब्धता, जांच सुविधाओं और दवाओं के वितरण को लेकर फीडबैक लिया। अधिकांश मरीजों ने बताया कि उन्हें अस्पताल से आवश्यक दवाएं समय पर उपलब्ध कराई जा रही हैं व जांच और उपचार संबंधी सेवाएं भी नियमित रूप से मिल रही हैं। कई मरीजों ने अस्पताल में मिल रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। एमओआईसी डॉ. पवन सचान ने जिलाधिकारी को अस्पताल की कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधनों और संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान जिलाधिकारी ने एक्स-रे सेवाओं, टीकाकरण कार्यक्रम, संस्थागत प्रसव और सी-सेक्शन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। साथ ही गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने टीबी जांच व्यवस्था की भी समीक्षा की। चिकित्सकों ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 15 से 16 लोगों की टीबी जांच की जाती है। दंत चिकित्सा कक्ष में उपलब्ध उपकरणों और मरीजों को प्रदान की जा रही सेवाओं का भी अवलोकन किया गया। आपातकालीन कक्ष के निरीक्षण में मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनिल ने उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और उपचार व्यवस्था की जानकारी दी। निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण उपचार, बेहतर साफ-सफाई और संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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DM ने घाटमपुर सीएचसी का किया निरीक्षण:स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखी, मरीजों से लिया फीडबैक