वर्ल्ड नंबर-1 सबालेंका फ्रेंच ओपन से बाहर:क्वार्टर फाइनल में डायना ने 3-6, 7-5, 6-0 से हराया; 2 घंटे 12 मिनट मुकाबला चला


दुनिया की नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका फ्रेंच ओपन से बाहर हो गईं हैं। बुधवार को पेरिस में खेले गए क्वार्टर फाइनल में रूस की डायना श्नाइडर ने बेलारूस की सबालेंका को 3-6, 7-5, 6-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। सबालेंका ने 4-1 की बढ़त गवाईं चार बार की चैंपियन सबालेंका दूसरे सेट में 4-1 से आगे थीं। वे जीत से सिर्फ दो अंक दूर थीं। इसके बावजूद बढ़त नहीं बचा सकीं। पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल में खेल रहीं डायना श्नाइडर ने वापसी की और मैच अपने नाम कर लिया। तीसरे सेट में सबालेंका का खेल पूरी तरह बिखर गया। छठे गेम में एक अंक गंवाने के बाद वह अपनी जगह पर खड़ी रहीं और जोर से चिल्लाईं। उस समय वह 0-30 से पीछे हो गई थीं। इसके बाद वह 0-40 की स्थिति में पहुंचीं और दो मैच पॉइंट बचाने में सफल रहीं। हालांकि, अंत में उन्होंने एक शॉट नेट में मार दिया और मैच हार गईं। सबालेंका ने पिछले साल कोको गॉफ के खिलाफ फ्रेंच ओपन फाइनल में हार के दौरान भी इसी तरह दबाव में गलतियां की थीं। ख्वालिंस्का से सेमीफाइनल में डायना का मैच पोलैंड की माजा ख्वालिंस्का ने अपने शानदार अभियान को जारी रखा। उन्होंने 22वीं वरीयता प्राप्त रूस की अन्ना कालिंस्काया को 7-6, 6-3 से हराया। अब सेमीफाइनल में डायना श्नाइडर और माजा ख्वालिंस्का आमने-सामने होंगी। सबालेंका ने ओसाका को हराया था एक दिन पहले सबालेंका ने ग्रैंड स्लैम चैंपियन नाओमी ओसाका को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। सबालेंका ने पहला सेट 7-5 से और दूसरा सेट 6-3 से जीतकर मैच अपने नाम किया था। सबालेंका के नाम 24 सिंगल्स खिताब सबालेंका महिला टेनिस की सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हैं। 28 साल की बेलारूसी स्टार ने अपने करियर में 506 मैच जीते और 203 हारे हैं। उन्होंने 24 सिंगल्स खिताब जीते हैं, जबकि 11 सितंबर 2023 को पहली बार विश्व नंबर-1 रैंकिंग हासिल की थी। अपने करियर में वह 4.92 करोड़ डॉलर (लगभग 410 करोड़ रुपए) से अधिक की प्राइज मनी जीत चुकी हैं। फ्रेंच ओपन क्या होता है? फ्रेंच ओपन (रोलैंड गैरोस) टेनिस के चार ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में से एक है और यह एकमात्र ग्रैंड स्लैम है जो क्ले कोर्ट (लाल मिट्टी) पर खेला जाता है। इसका आयोजन हर साल मई-जून में फ्रांस की राजधानी पेरिस स्थित स्टेड रोलां गैरो परिसर में होता है। 1891 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट का नाम फेमस फ्रांसीसी पॉयलट रोलैंड गैरोस पर रखा गया है।

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