Defence Council Approves ₹2.38 Lakh Crore For S-400, Dhanush; Air Force Army

  • Hindi News
  • National
  • Defence Council Approves ₹2.38 Lakh Crore For S 400, Dhanush; Air Force Army

नई दिल्ली5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में करीब 2.38 लाख करोड़ रुपए के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें आर्मी, एयरफोर्स और कोस्ट गार्ड के लिए कई अहम सिस्टम और प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

भारतीय सेना के लिए एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम, आर्मर पियर्सिंग टैंक गोला-बारूद, हाई कैपेसिटी रेडियो रिले, धनुष गन सिस्टम और रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम को मंजूरी मिली।

वित्त वर्ष 2025-26 में DAC अब तक 55 प्रस्तावों को मंजूरी दे चुका है, जिनकी कुल लागत 6.73 लाख करोड़ रुपए है। इसी दौरान 503 डिफेंस डील भी साइन की गई हैं, जिनकी कीमत 2.28 लाख करोड़ रुपए है।

सरकार के मुताबिक यह किसी एक वित्त वर्ष में अब तक का सबसे बड़ा रक्षा खरीद और मंजूरी का आंकड़ा है।

एयरफोर्ट को ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट मिलेंगे

भारतीय वायुसेना के लिए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, S-400 मिसाइल सिस्टम, रिमोटली पायलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट और Su-30 इंजन ओवरहाल को मंजूरी दी गई।

  • नए ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट AN-32 और IL-76 की जगह लेंगे।
  • S-400 सिस्टम लंबी दूरी के हवाई खतरों से सुरक्षा देगा।
  • ड्रोन स्ट्राइक एयरक्राफ्ट से ऑपरेशनल और सर्विलांस क्षमता बढ़ेगी।
  • Su-30 इंजन अपग्रेड से विमानों की लाइफ बढ़ेगी।

इंडियन कोस्ट गार्ड के लिए होवरक्राफ्ट की मंजूरी

इंडियन कोस्ट गार्ड के लिए हेवी ड्यूटी एयर कुशन व्हीकल्स (होवरक्राफ्ट) को मंजूरी दी गई है। इनका उपयोग तटीय गश्त, सर्च एंड रेस्क्यू और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट में किया जाएगा।

होवरक्राफ्ट एक ऐसा वाहन होता है जो जमीन, पानी, कीचड़, बर्फ हर सतह पर चल सकता है। यह नीचे की ओर हवा का दबाव (एयर कुशन) बनाकर सतह से थोड़ा ऊपर उठकर चलता है, इसलिए घर्षण बहुत कम होता है।

इसमें लगे शक्तिशाली फैन नीचे हवा भरते हैं। यह हवा कुशन बनाती है, जिससे वाहन सतह से ऊपर उठ जाता है। फिर प्रोपेलर या इंजन इसे आगे बढ़ाते हैं।

S-400 ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी मिसाइलों को खत्म किया

S-400 वही डिफेंस सिस्टम है, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की ओर से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों को हवा में ही मारकर नाकाम किया था। S-400 ट्रायम्फ रूस का सबसे एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम है, जिसे 2007 में लॉन्च किया गया था।

ये सिस्टम फाइटर जेट, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल, ड्रोन और स्टेल्थ विमानों तक को मार गिरा सकता है। ये हवा में कई तरह के खतरों से बचाव के लिए एक मजबूत ढाल की तरह काम करता है। दुनिया के बेहद आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में इसकी गिनती होती है।

S-400 सिस्टम की खासियत…

  • S-400 की सबसे बड़ी खासियत इसका मोबाइल होना है। यानी रोड के जरिए इसे कहीं भी लाया ले जाया जा सकता है।
  • इसमें 92N6E इलेक्ट्रॉनिकली स्टीयर्ड फेज्ड ऐरो रडार लगा हुआ है जो करीब 600 किलोमीटर की दूरी से ही मल्टीपल टारगेट्स को डिटेक्ट कर सकता है।
  • ऑर्डर मिलने के 5 से 10 मिनट में ही ये ऑपरेशन के लिए रेडी हो जाता है।
  • S-400 की एक यूनिट से एक साथ 160 ऑब्जेक्ट्स को ट्रैक किया जा सकता है। एक टारगेट के लिए 2 मिसाइल लॉन्च की जा सकती हैं।
  • S-400 में 400 इस सिस्टम की रेंज को दर्शाता है। भारत को जो सिस्टम मिल रहा है, उसकी रेंज 400 किलोमीटर है। यानी ये 400 किलोमीटर दूर से ही अपने टारगेट को डिटेक्ट कर काउंटर अटैक कर सकता है। साथ ही यह 30 किलोमीटर की ऊंचाई पर भी अपने टारगेट पर अटैक कर सकता है।

खबरें और भी हैं…

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Newsmatic - News WordPress Theme 2026. Powered By BlazeThemes.