![]()
गोंडा में रविवार शाम करीब 4 बजे टेढ़ी नदी के उफान पर आने से गोंडा-कटरा बाजार मार्ग पर चंदवतपुर घाट का पुल पानी में डूब गया। पुल के ऊपर से घुटनों तक पानी तेज धार के साथ बहता रहा। इसके बावजूद देर तक वाहन और पैदल लोग पुल पार करते रहे। मौके पर बैरिकेडिंग और पुलिस तैनाती नहीं होने से हादसे का खतरा बना रहा। प्रशासन को जानकारी मिलने के बाद वाहनों का आवागमन बंद कराने के निर्देश दिए गए। तेज धार के बीच से गुजर रहे वाहन पुल पर पानी का बहाव तेज होने के बावजूद स्थानीय लोग और वाहन चालक जोखिम लेकर इसे पार करते दिखाई दिए। भारी वाहनों के गुजरने पर पानी की तेज लहरें उठ रही थीं, जिससे पैदल यात्रियों और बाइक सवारों के लिए खतरा और बढ़ गया। यह पुल गोंडा जिला मुख्यालय को कटरा बाजार से जोड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात के मौसम में पुल हर साल पानी में डूब जाता है। पहले भी यहां हादसे हो चुके हैं। रेलिंग नहीं, दोनों ओर गहरे गड्ढे पुल के दोनों किनारों पर रेलिंग की व्यवस्था नहीं है। आसपास करीब 10-10 फीट गहरे गड्ढे भी बताए जा रहे हैं। ऐसे में तेज बहाव के बीच पुल पार करने वाले लोगों के लिए स्थिति और जोखिम भरी हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल को ऊंचा करने और स्थायी समाधान की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई और पुल के नवनिर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रशासन ने वाहनों का आवागमन बंद कराने के दिए निर्देश गोंडा के अपर जिलाधिकारी प्रमोद झा ने बताया कि एसडीएम सदर जितेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया है। उन्होंने कहा कि किसी की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। एडिशनल एसपी को पुल से वाहनों का आवागमन बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं। एडीएम के मुताबिक, फिलहाल पैदल लोगों को निकलने की अनुमति है, लेकिन कुछ देर में वाहनों का आवागमन भी पूरी तरह बंद करा दिया जाएगा। प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
Source link
गोंडा में उफनाई टेढ़ी नदी, पुल पर घुटनों तक पानी:प्रशासन ने वाहनों का आवागमन रोकने के दिए निर्देश, बैरिकेडिंग नहीं होने से बढ़ा खतरा