नूरुल अली | कानपुर2 मिनट पहले
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कानपुर में व्यापारियों की समस्याओं को अब सिर्फ शिकायतों की फाइलों तक सीमित नहीं रहने दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल, कानपुर नगर ने शहर और ग्रामीण क्षेत्र के प्रमुख बाजारों की जमीनी हकीकत सामने लाने के लिए बड़ा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। ये बैठक अहीरवां स्थित कार्यालय में शाम 4:30 बजे आयोजित की गई थी।
ये अभियान चकेरी, महाराजपुर, सरसौल, पूर्वामीर, नरवल, पाली, साढ़, कुढ़नी, भीतरगांव, पतारा, घाटमपुर, सजेती, सतबरी, पीएसी और सनिगवां सहित प्रमुख बाजारों में चलाया जाएगा।
अहिरवां स्थित जिला कार्यालय में रविवार को हुई जिला कार्यसमिति की बैठक में तय हुआ कि संगठन के बाजार प्रभारी अपनी टीम के साथ दुकान-दुकान पहुंचेंगे और व्यापारियों से सवाल पूछकर उनकी समस्याओं का फीडबैक जुटाएंगे। इसके बाद प्रत्येक बाजार की समस्याओं का अध्ययन कर तीन पन्नों का श्वेत पत्र तैयार किया जाएगा।
श्वेत पत्र में संबंधित बाजार की 25 प्रमुख और जटिल समस्याओं को शामिल किया जाएगा। इसे जिलाधिकारी के समक्ष रखने के साथ संबंधित विभागों और शासन तक भी पहुंचाया जाएगा। संगठन का कहना है कि मकसद सिर्फ समस्याओं की सूची बनाना नहीं, बल्कि प्रत्येक बाजार की जमीनी स्थिति का दस्तावेज तैयार कर समाधान के लिए प्रशासन और शासन तक प्रभावी ढंग से आवाज पहुंचाना है।

2 अक्टूबर को नो यूपीआई डे
बैठक में 2,000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के विरोध में 2 अक्टूबर को नो यूपीआई डे मनाने का निर्णय भी लिया गया। व्यापारियों से उस दिन यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करने, अपने क्यूआर कोड पर काला कपड़ा बांधने और हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने की अपील की गई।
व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि अब हर बाजार की समस्या का हिसाब तैयार होगा और बाजार से उठी आवाज को सीधे प्रशासन से लेकर शासन तक पहुंचाया जाएगा।
बैठक में जिला अध्यक्ष महेश वर्मा, जिला महामंत्री रजत पांडे, रवि सिंह, आनंद गुप्ता, श्याम सुंदर, हरिओम शिवहरे, विनोद विश्वकर्मा, ललित सोनी, दीपक मिश्रा, चांद मोहम्मद, भोलेंद्र सोनी, अनिल विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
