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लखनऊ में संस्कार भारती, अवध प्रांत की ओर से उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी में ‘वंदे मातरम्’ प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। यह कार्यशाला ‘लोक से शास्त्र तक : वंदे मातरम् की सांस्कृतिक गाथा’ विषय पर हुई। भारतीय लोक परंपरा, शास्त्रीय संगीत और नृत्य के जरिए राष्ट्रभावना की अभिव्यक्ति को समझाया गया। प्रो. संगीता श्रीवास्तव, डीजी पीजी कॉलेज, कानपुर एवं कथक कलाकार ने व्याख्यान और प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि लोकधुनों से लेकर शास्त्रीय संगीत और नृत्य तक भारतीय कला परंपरा में राष्ट्रभावना की सशक्त अभिव्यक्ति रही है। संगीत प्रस्तुति में स्वर, लय और ताल का समन्वय दिखाया गया। प्रतिभागियों ने उत्साह से कार्यशाला में हिस्सा लिया। अवध प्रांत की मंचीय कला विभाग संयोजिका एवं उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ सांस्कृतिक चेतना, मातृभूमि के सम्मान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। ऐसी कार्यशालाएं युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम हैं। कार्यशाला में संस्कार भारती के पदाधिकारी, कलाकार और कला-साधक शामिल हुए।
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लखनऊ में 'वंदे मातरम्' प्रशिक्षण कार्यशाला:संस्कार भारती अवध प्रांत ने संगीत नाटक अकादमी में राष्ट्रभावना का महत्व बताया