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उन्नाव शहर के तालिब सराय क्षेत्र में मोहर्रम के अवसर पर हजरत कासिम की मेंहदी का मातमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिन्होंने इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद किया। जुलूस के दौरान विभिन्न अंजुमनों ने नौहाखानी की, जिसमें कर्बला की घटना को याद किया गया। अंजुमनों ने नौहा पढ़कर हजरत इमाम हुसैन, हजरत कासिम और कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों को श्रद्धांजलि दी। मातमदारों ने सीनाजनी कर अपना गम और अकीदत व्यक्त की। पूरे रास्ते ‘या हुसैन’ के नारे गूंजते रहे। तालिब सराय क्षेत्र से शुरू होकर यह मातमी जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरा। रास्ते में बड़ी संख्या में लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और हजरत कासिम की मेंहदी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों की याद में मातम किया। आयोजकों के अनुसार, मोहर्रम केवल गम का महीना नहीं है, बल्कि यह इंसानियत, सब्र, त्याग और सत्य के लिए संघर्ष का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों द्वारा अन्याय के खिलाफ दी गई कुर्बानी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है। मातमी जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम पर निगरानी रखी। पुलिस और आयोजकों की सतर्कता के कारण जुलूस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। मोहर्रम के अवसर पर शहर के अन्य क्षेत्रों में भी धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अकीदतमंद पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर कर्बला के शहीदों को याद कर रहे हैं।
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उन्नाव के तालिब सराय में मोहर्रम जुलूस:हजरत कासिम की मेंहदी पर अकीदतमंदों ने किया गम का इजहार