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विश्व पर्यावरण दिवस से पहले विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत, सांस्कृतिक चेतना शक्ति और युवा चेतना शक्ति अभियान की शुरुआत कर दी है। सामाजिक सरोकार से जुड़ीं ये संस्थाएं पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वायु शुद्धिकरण तथा हरित क्रांति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनजागरण एवं वृक्षारोपण अभियान चला रही हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारियों, सदस्यों और स्वयंसेवकों ने विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण कर आमजन को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया तथा प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। फलदार, औषधीय वृक्षों का महत्व बताया कार्यक्रम के दौरान लोगों को विभिन्न प्रकार के फलदार, छायादार एवं औषधीय वृक्षों के महत्व की जानकारी दी गई। जन अभियान के दौरान लोगों को बताया गया कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में ही सहायक नहीं होते, बल्कि मानव जीवन, पशु-पक्षियों, जलवायु तथा जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नीम, पीपल, बरगद, आंवला, अर्जुन, सहजन तथा अन्य औषधीय एवं फलदार वृक्षों के गुणों एवं उपयोगिता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। पौधे लगाने के बाद संरक्ष्रण करें अभियान के अंतर्गत यह संदेश दिया गया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका नियमित संरक्षण, सिंचन, पोषण एवं सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना ही सच्चे अर्थों में पर्यावरण सेवा है। साथ ही पुराने एवं विशाल वृक्षों को अनावश्यक रूप से काटने से बचाने तथा उनके संरक्षण के लिए जनसहभागिता बढ़ाने का आह्वान किया गया। वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, जल स्रोतों का क्षरण, भूजल स्तर में गिरावट तथा वनों की कटाई मानव सभ्यता के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। इन समस्याओं का समाधान जनभागीदारी, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने से ही संभव है। ट्रस्ट द्वारा आमजन से अपील की गई कि वे अपने घर, विद्यालय, कार्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधे लगाएं, प्लास्टिक के उपयोग को कम करें, जल का अपव्यय रोकें तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रत्येक प्रयास में सक्रिय सहभागिता निभाएं।
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प्रयागराज में पर्यावरण संरक्षण के लिए जद्दोजहद शुरू:विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधे लगाकर जागरूक कर रहीं संस्थाएं