सीवर जाम, जलभराव, गंदगी, टूटी सड़कें और अतिक्रमण…। मेरठ नगर निगम के वार्ड-33 काजीपुर लोहियानगर में ऐसी समस्याएं कदम-कदम पर हैं। खास बात यह है कि 20 वर्ष पहले यह इलाका नगर निगम में शामिल हो चुका है, फिर भी विकास नजर नहीं आता। यहां के लोग बताते हैं कि
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वार्ड के लोहियानगर, काजीपुर और घोसीपुर क्षेत्रों की तस्वीर विकास के दावों पर सवाल खड़े करती है। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा में लोगों ने खुलकर दर्द बयां किया। क्षेत्रवासियों ने कहा कि दोनों विभागों की खींचतान का खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इस कड़ी में वार्ड-33 का जायजा लिया गया…

20 साल से निगम में शामिल, फिर भी सुविधाएं नहीं
वार्ड-33 दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में आता है। इसमें लोहियानगर, काजीपुर, घोसीपुर और काशीराम कॉलोनी जैसे बड़े इलाके शामिल हैं। लोगों का कहना है कि करीब दो दशक पहले नगर निगम में शामिल होने के बावजूद यहां आज तक नियमित सफाई, सीवर व्यवस्था और जलनिकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल सकीं।
पहले ये नजारा देखिए…



मंत्री ने स्कूल गोद लिया, चारदीवारी तक नहीं बन सकी
वार्ड में स्थित एक प्राथमिक विद्यालय को प्रदेश सरकार के मंत्री सोमेंद्र तोमर ने गोद लिया है। इसके बावजूद स्कूल की चारदीवारी तक नहीं बन पाई है। सड़क पर होने वाला जलभराव स्कूल परिसर तक पहुंच जाता है। बच्चों को गंदगी और जलभराव के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है।

वार्ड की बड़ी समस्याएं
सीवर लाइन पूरी तरह जाम : 2007 में बनी सीवर लाइन की आज तक सफाई नहीं हुई। अधिकांश लाइनें ब्लॉक हैं और कई स्थानों पर सीवर का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बह रहा है।
हर मौसम में जलभराव : काशीराम कॉलोनी समेत कई इलाकों में बिना बारिश के भी पानी भरा रहता है। बरसात में हालात और खराब हो जाते हैं।
गंदगी और कूड़े के ढेर : क्षेत्र में नियमित सफाई नहीं होती। कई जगहों पर कूड़े के ढेर जमा हैं, जिससे मच्छर और बीमारियां बढ़ रही हैं।
दूषित पेयजल : सीवर लाइन और पानी की पाइपलाइन पास-पास होने के कारण गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। लोग बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं।
स्ट्रीट लाइट और टूटी सड़कें : कई क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट नहीं हैं। सड़कें टूटी हुई हैं और अंधेरे के कारण लोगों को परेशानी होती है।
अतिक्रमण से प्रभावित सफाई व्यवस्था : नालियों और गलियों पर अतिक्रमण होने के कारण सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है।

लोग बोले- हम सिर्फ वोट देने के लिए हैं
काजीपुर के गौरव गुर्जर ने बताया कि 2007 में सीवर लाइन बनी थी। तब से आज तक सफाई नहीं हुई। अब सीवर का पानी पीने के पानी में मिल रहा है और बीमारियां बढ़ रही हैं। मोर सिंह ने कहा कि हम बदतर जिंदगी जीने को मजबूर हैं। जलभराव और गंदगी से हालात खराब हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। कांशीराम कालोनी के महेश ने बताया कि निगम जाओ तो मेडा भेज देता है, मेडा जाओ तो निगम। लगता है हम सिर्फ वोट देने के लिए हैं।

दिया लेकर ढूंढो, सफाईकर्मी नहीं मिलेगा
ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि 20 साल से नगर निगम में शामिल हैं, लेकिन आज तक कूड़े की गाड़ी या सीवर सफाई नहीं देखी। दिया लेकर ढूंढने पर भी सफाईकर्मी नहीं मिलेगा। वीरेंद्र कुमार ने बताया कि सीवर जाम होने के कारण पानी की टंकी तक दूषित हो रही है। बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं।
‘वार्ड को डंपिंग ग्राउंड बना दिया’
जितेश गुर्जर ने कहा कि जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। ऐसा लगता है जैसे पूरे क्षेत्र को डंपिंग ग्राउंड बना दिया गया हो। प्रिंस चौधरी ने बताया कि सीवर लाइन का कोई स्थायी समाधान नहीं है। बरसात में गंदा पानी घरों तक पहुंच जाता है। सागर बैसला बोले- “वार्ड के बाहर कूड़े का पहाड़ खड़ा है। सड़के टूटी हैं और सीवर निकासी की समस्या वर्षों से बनी हुई है।”

2007 में बनी सीवर लाइन, आज तक नहीं हुई सफाई
काजीपुर निवासी गौरव गुर्जर ने बताया कि 2007 में सीवर लाइन बिछाई गई थी। तब से लेकर आज तक इसकी सफाई नहीं हुई। नतीजा यह है कि पूरी लाइन जाम हो चुकी है और जगह-जगह लीकेज के कारण सीवर का पानी पेयजल में मिल रहा है।
निगम-मेडा की खींचतान में फंसे लोग
कांशीराम कॉलोनी निवासी महेश ने बताया कि जब समस्या लेकर निगम जाते हैं तो मेडा भेज दिया जाता है और मेडा जाने पर फिर निगम भेज दिया जाता है। लोगों को ऐसा लगता है जैसे उनका इलाका मेरठ के नक्शे में ही नहीं है।
- हेल्पलाइन नंबर. नगर निगम ने पाइप लाइन में लीकेज या कहीं गंदे पानी की सप्लाई होने की शिकायत करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 18001803090 जारी किया है। इस पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- अपने वार्ड की कवरेज और समस्याओं की जानकारी देने के लिए वॉट्सएप नंबर 7078833303 पर मैसेज कीजिए।
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