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राष्ट्रीय ललित कला अकादमी, नई दिल्ली के क्षेत्रीय केंद्र ने लखनऊ में अपना 72वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्यरत इस अकादमी का यह आयोजन कला प्रेमियों के लिए यादगार रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ ‘राग एवं रंग’ नामक एक विशेष सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ। क्षेत्रीय सचिव डॉ. देवेंद्र त्रिपाठी, संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत और उपाध्यक्ष विभा सिंह ने दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर अकादमी की साख बढ़ाने वाले पूर्व और वर्तमान कलाकारों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले पूर्व कलाकारों में प्रो. सुनील सक्सेना, उमेश कुमार सक्सेना, डॉ. उमेंद्र प्रताप सिंह और संदीप भाटिया शामिल थे। वर्तमान वरिष्ठ कलाकारों में किरण सिंह राठौर, अजीत सिंह, ममता राभा, पूनम नागू और पूनम नाग चतुर्वेदी का सम्मान किया गया। चित्रकला और मूर्तिकला वैश्विक पहचान दिलाई वक्ताओं ने अकादमी के 72 वर्षों के ऐतिहासिक सफर को याद किया। उमेश कुमार सक्सेना और संदीप भाटिया ने बताया कि कैसे इस संस्थान ने भारतीय चित्रकला, मूर्तिकला और ग्राफिक्स को वैश्विक पहचान दिलाई है। व्याख्यान सत्र में अकादमी को भारतीय कला चेतना का जीवंत मंदिर बताया गया। सांस्कृतिक संध्या में गायिका विभा सिंह के उपशास्त्रीय गायन ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इसके बाद युवा कलाकार अथर्व प्रताप सिंह के बांसुरी वादन ने समां बांध दिया, जिससे पूरा परिसर संगीतमय और ऊर्जावान हो उठा। क्षेत्रीय सचिव डॉ. देवेंद्र त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा कि लखनऊ केंद्र उत्तर भारत में कला के संवर्धन और युवा प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। इस ऐतिहासिक आयोजन में बड़ी संख्या में कला मर्मज्ञ, शोधार्थी और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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ललित कला अकादमी का 72वां स्थापना दिवस:लखनऊ में 'राग एवं रंग' सांस्कृतिक संध्या का आयोजन