हाथरस सत्संग भगदड़, दरोगा की हुई गवाही:दरोगा ने की थी पंचायतनामा की कार्रवाई, अगली सुनवाई 7 मई को होगी


हाथरस के बहुचर्चित सत्संग भगदड़ मामले में आज न्यायालय में एक उपनिरीक्षक की गवाही दर्ज की गई। यह मामला 2 जुलाई 2024 को सिकंद्राराऊ के फूलरई में भोले बाबा के सत्संग के बाद हुई भगदड़ से संबंधित है, जिसमें सरकारी आंकड़ों के अनुसार 121 लोगों की मौत हुई थी और डेढ़ सौ से अधिक लोग घायल हुए थे। गवाह के रूप में उपनिरीक्षक रामनरेश पेश हुए, जो घटना के समय थाना हाथरस गेट में तैनात थे। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि उपनिरीक्षक ने अपने बयान में कहा कि उन्हें 2 जुलाई 2024 को भगदड़ में मृतकों के पंचायतनामा संबंधी कार्यवाही के लिए जिला अस्पताल हाथरस भेजा गया था। उपनिरीक्षक रामनरेश ने अदालत को बताया कि उन्होंने महिला कांस्टेबल की मदद से मृतका रूबी पत्नी राजन, निवासी बक्सर, जनपद उन्नाव के पंचायतनामा की कार्यवाही 3 जुलाई 2024 को सुबह 7 बजे से 8 बजे तक पूरी की। कार्यवाही पूर्ण होने के बाद शव का नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया गया और फिर परिजनों को सौंप दिया गया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर द्वारा जिरह के दौरान पूछे गए सवालों के जवाब में गवाह ने स्पष्ट किया कि मृतका के शव पर कोई बाहरी चोट नहीं थी और उसकी पहचान परिजनों द्वारा ही की गई थी। अदालत ने उपनिरीक्षक की गवाही दर्ज कर ली है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 मई की तिथि निर्धारित की गई है। सभी आरोपियों की हो चुकी है जमानत… इस मामले में पुलिस देव प्रकाश मधुकर सहित 11 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *