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हरदोई में गंगा और गर्रा नदियों का जलस्तर बढ़ने से शनिवार 12 सितंबर को कटरी-कटियारी इलाके में बाढ़ का पानी आबादी तक पहुंच गया। बिलग्राम क्षेत्र में जरसेनामऊ से बाढ़ की स्थिति शुरू हुई। राजघाट के छिबरामऊ समेत कटरी क्षेत्र के कई गांव पानी से घिर गए हैं। गंगा का पानी दक्षिण दिशा में करीब 10 किलोमीटर तक फैल रहा है। वहीं, गर्रा नदी का पानी पश्चिम में चुन्नी पुरवा और मालवा अखवेलपुर की ओर बढ़ रहा है। चुन्नी पुरवा में घुसा पानी, कई गांवों पर खतरा चुन्नी पुरवा गांव में पानी पहुंच गया है। तिलमई खेड़ा शिविर में 107 लोग रह रहे हैं। म्योरा, पुन्ना पुरवा, जरेला और मदारी पुरवा में भी पानी पहुंचने की आशंका है। मल्लावां क्षेत्र के मगरहा, काल्हामऊ और गौरा फत्तेपुर समेत कई गांवों में फसलें खराब हो गई हैं। बिलग्राम क्षेत्र के कुल 45 गांवों की जमीन पर बाढ़ का असर पड़ा है। 1500 से ज्यादा परिवारों का सड़क संपर्क टूटा नौखेपुरवा, मदारी पुरवा, सोनारी पुरवा, कटरी महादेवा और कटरी बिलुही में पानी भरने से 1500 से ज्यादा परिवारों का सड़क संपर्क टूट गया है। लोगों के आवागमन के लिए इन इलाकों में 14 नावें लगाई गई हैं। कई जगह बिजली सप्लाई ठप है। लकड़ी, ईंधन और मवेशियों के चारे का संकट भी बना हुआ है। स्कूलों में पानी भरने से पढ़ाई प्रभावित हुई है। ग्रामीणों ने राहत सामग्री और नाव नहीं मिलने का आरोप लगाया सवायजपुर तहसील के सांडी ब्लॉक और अरवल थाना क्षेत्र के बनामऊ गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन पर राहत सामग्री नहीं पहुंचाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अब तक खाद्य सामग्री और दवा नहीं बांटी गई है। उनका आरोप है कि आवागमन के लिए नाव भी उपलब्ध नहीं कराई गई। ग्रामीणों के मुताबिक, उन्होंने सवायजपुर एसडीएम को फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। शिकायत के बाद सीओ हरपालपुर प्रवीण यादव ने कहा कि तहसीलदार से बात कर जल्द गांव में राहत सामग्री और नाव उपलब्ध कराई जाएगी। 1523 राहत किट बांटने का दावा बिलग्राम एसडीएम एन राम के मुताबिक, अब तक 1523 राहत किट बांटी जा चुकी हैं। तिलमई खेड़ा शिविर में 107 से ज्यादा लोगों को पका हुआ भोजन दिया जा रहा है।हरपालपुर क्षेत्र में दहेलिया से चंद्रमपुर तक करीब 8 किलोमीटर सड़क बाढ़ से प्रभावित हुई है। इससे छह गांवों का संपर्क अरवल थाने और हरपालपुर ब्लॉक से टूट गया है। गंगा खतरे के निशान से 18 सेमी ऊपर शनिवार को राजघाट पर गंगा का जलस्तर 125.99 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 125.81 मीटर है। यानी गंगा खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पांचाल घाट पर गंगा 137.15 मीटर रही। नरौरा से 86,985 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा चेतावनी बिंदु से 1.33 मीटर ऊपर रामगंगा हुल्लापुर घाट पर जलस्तर 137.10 मीटर रहा। सांडी में गर्रा नदी का जलस्तर 130.48 मीटर दर्ज किया गया। यहां चेतावनी बिंदु 129.15 मीटर है। गर्रा चेतावनी बिंदु से 1.33 मीटर ऊपर है। नानक सागर से 1,034 और 4,329 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दो दिन बाद सुधार की उम्मीद प्रशासन के अनुसार, जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौजूदा स्थिति में राहत और बचाव के इंतजाम किए गए हैं। जलस्तर में करीब दो दिन बाद सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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हरदोई में गंगा-गर्रा का जलस्तर बढ़ा:आबादी में पहुंचा बाढ़ का पानी; 1500 से ज्यादा परिवारों का सड़क संपर्क टूटा; 14 नावें लगीं