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संभल में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से छह से अधिक गांवों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है, वहीं पशुओं के लिए हरे चारे का संकट भी गहरा गया है। ईख और धान की फसलों में पानी भर गया है, जबकि बाजरे की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। जनपद संभल की गुन्नौर तहसील के गंगा किनारे स्थित खादर क्षेत्र में बाढ़ का पानी फैल गया है। रविवार को ब्लॉक जुनावई के असदपुर गंगा घाट पर बांध तक पानी पहुंच गया। असदपुर, तहरपुर, नगला अजमेरी, हकीमपुर, दिल्लीपुर और भौनानगला सहित छह से अधिक गांवों के जंगल जलमग्न हो गए हैं, जिससे पशुओं को चरने में दिक्कत आ रही है। ईसमपुर डांडा में गंगा आश्रम तक के खेत पानी में डूब गए हैं। आश्रम को गंगा घाट से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग तेज बहाव के कारण कट गया है, जिससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। गांव बझांगी में पशुशालाओं के सामने गलियारों में पानी भर गया है, और हुसैनपुर सैलाब के खेतों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा ग्रामीणों ने बताया कि पानी आए हुए तीन दिन हो गए हैं और उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। मोहर पाल नामक ग्रामीण ने कहा कि पशुओं और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गजेंद्र सिंह और महावीर सिंह ने भी गंगा के पानी से गांव में हो रही दिक्कतों को उजागर किया। गांव असदपुर ग्राम प्रधान पिंकी यादव के पिता सोमवीर सिंह ने बताया कि गंगाजी का जलभराव अधिक चल रहा है। जिसमें कि बंधा तक जल आ गया है। किसानों को चारा-भूसा लाने की बड़ी परेशानी आ रही है। पशु चारावाह को भी चराने में दिक्कत आ रही है। दो साधु बनी है उसके चारों ओर भी पानी आ गया है। एसडीएम अवधेश कुमार ने बताया कि आज बारिश होने के बाद फिर गंगा का जलस्तर बढ़ा है। कल शनिवार की शाम को जलस्तर थोड़ा काम हो गया था। गंगा किनारे निकट रहने वाले सभी लोगों को अलर्ट पर रखा गया है। बाढ़ चौकियां भी सक्रिय हैं।
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संभल में गंगा का पानी छह गांवों तक पहुंचा:खेतों-घरों में हुआ जलभराव, बाजरे की फसल खराब; हरे चारे का संकट