![]()
इलाहाबाद हाईकोर्ट की अधिवक्ता जागृति शुक्ला की मौत के बाद प्रयागराज में उपजा विवाद मंगलवार को भी थमता नहीं दिख रहा है। एक ओर अधिवक्ता आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर जूनियर डॉक्टर भी अपने साथी डॉ. मोनिस अली के खिलाफ कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में शहर में वकील और डॉक्टर आमने-सामने की स्थिति बनी हुई है।
आंदोलन जारी रखने की तैयारी
सोमवार को दिनभर चले प्रदर्शन, हाईवे जाम और धरने के बाद भी अधिवक्ताओं ने साफ कर दिया है कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। अधिवक्ता संगठनों ने मंगलवार को भी बड़े प्रदर्शन और डीएम कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी है। इसके चलते प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
डॉक्टरों ने भी दिखाई सख्ती
दूसरी तरफ एसआरएन अस्पताल के जूनियर डॉक्टर भी अपने साथी के कथित उठाए जाने और एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए विरोध जता रहे हैं। सोमवार को उन्होंने कामकाज प्रभावित किया था और एएमए ने भी प्रशासन को प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
हादसे से शुरू हुआ था विवाद
झूंसी निवासी अधिवक्ता जागृति शुक्ला 20 मई को सड़क हादसे में घायल हुई थीं। इलाज के दौरान एसआरएन अस्पताल में डॉक्टरों और अधिवक्ताओं के बीच विवाद हो गया था। करीब 18 दिन तक लखनऊ पीजीआई में उपचार के बाद सोमवार को उनकी मौत हो गई। इसके बाद अधिवक्ताओं का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा और प्रयागराज-कानपुर व प्रयागराज-लखनऊ मार्ग घंटों जाम रहे।
आज भी बना रह सकता है तनाव
मंगलवार को भी शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है। कचहरी और हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं की बैठकें प्रस्तावित हैं, जबकि कई संगठन आगे की रणनीति तय कर रहे हैं। हालात को देखते हुए प्रदर्शन और विरोध कार्यक्रम जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
पुलिस और प्रशासन लगातार दोनों पक्षों से संवाद कर हालात सामान्य बनाने की कोशिश में जुटे हैं। वरिष्ठ अधिकारी कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस के लिए चिंता का सबब इसलिए भी है क्योंकि मंगलवार को जिले में सिपाही भर्ती परीक्षा का दूसरा दिन है, जिसके लिए करीब 32 हजार अभ्यर्थियों का शहर में जमावड़ा होगा।
टकराव खत्म कराने की कोशिश
अफसरों का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। हालांकि फिलहाल हालात ऐसे हैं कि न अधिवक्ता पीछे हटने को तैयार हैं और न ही डॉक्टर समुदाय नरम रुख दिखा रहा है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बढ़ते तनाव को नियंत्रित करना और दोनों पक्षों के बीच टकराव को और बढ़ने से रोकना है। दारागंज घाट पर अंतिम संस्कार आज उधर अधिवक्ता जागृति का अंतिम संस्कार मंगलवार को दारागंज घाट पर किया जाएगा। इससे पहले लखनऊ में पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद देर शाम परिजन पार्थिव शरीर लेकर घर पहुंचे थे।
Source link
वकील पीछे हटने को तैयार नहीं, डॉक्टर भी अड़े:हाईकोर्ट अधिवक्ता की मौत के बाद शुरू हुआ बवाल थमा नहीं, पुलिस अलर्ट मोड पर