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बलिया पुलिस ने समाज में भय और आतंक फैलाने वाले गैंगों के खिलाफ सात दिवसीय ‘ऑपरेशन वज्रपात’ अभियान चलाया। यह विशेष अभियान अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन, पीयूष मोर्डियो के निर्देश पर 3 जून से 9 जून तक संचालित होगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे सक्रिय गैंगों को चिन्हित कर उनके सदस्यों के विरुद्ध कार्रवाई करना था, जो समूह बनाकर आम नागरिकों को परेशान करते हैं, मारपीट करते हैं, रंगदारी वसूलते हैं और सोशल मीडिया (जैसे फेसबुक लाइव, इंस्टाग्राम रील्स) के माध्यम से आपराधिक घटनाओं का प्रचार-प्रसार करते हैं। इन गैंगों द्वारा किए जाने वाले प्रमुख अपराधों में हत्या, हत्या का प्रयास, लूटपाट, मारपीट, धमकी देना, रंगदारी वसूलना, अवैध शस्त्र रखना और सार्वजनिक स्थलों पर दहशत फैलाना शामिल है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में बलिया जनपद में ‘महाकाल गैंग’, ‘फरसा गैंग’, ‘221715 गैंग’ और ‘राइडर गैंग’ जैसे विभिन्न गैंग सक्रिय पाए गए। समस्त क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों ने बीट पुलिसकर्मियों के सहयोग से ऐसे सोशल मीडिया ग्रुप, पेज और गैंगों की पहचान की, जो समाज में दबदबा बनाने, भय उत्पन्न करने या आपराधिक गतिविधियों का महिमामंडन करने का प्रयास कर रहे थे। अभियान के तहत कुल 25 गैंग और उनके 263 सदस्य (गैंग लीडर सहित) चिन्हित किए गए। इस दौरान मनीष वर्मा, आयुष राय उर्फ नारियल, उमेश कुमार राजभर, बबलू राम, जगदीश ठाकुर उर्फ गुड्डू, संजय राम उर्फ डॉक्टर, अवधेश वर्मा, चंदन राम, गुड्डू उर्फ करिया नट, पतरु नट, कयामुद्दीन उर्फ कयामू, रुदल नट, टेंगर, पवन कुमार खरवार और मुन्ना गोंड़ सहित 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया। बलिया पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई व्यक्ति या समूह सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से गैंग संचालित कर हथियारों का प्रदर्शन कर रहा है, भय और आतंक का वातावरण बना रहा है, युवाओं को गुमराह कर रहा है या आपराधिक गतिविधियों का प्रचार-प्रसार कर रहा है, तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय थाने को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। वाराणसी जोन के आधिकारिक व्हाट्सएप बॉट नंबर 7839860411 पर भी शिकायत या सूचना दर्ज कराई जा सकती है, जिसमें पहचान गोपनीय रहेगी।
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बलिया पुलिस का 'ऑपरेशन वज्रपात':15 गिरफ्तार, 25 गैंग और 263 सदस्य चिन्हित, 9 जून तक संचालित होगा