प्रतापगढ़ में बिना मुआवजा जमीन पर शुरू हुआ बाईपास निर्माण:गुस्साए किसानों ने प्रशासन के खिलाफ लगाए 'मुर्दाबाद' के नारे


प्रतापगढ़ के लालगंज तहसील क्षेत्र के बेलहा गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 बाईपास निर्माण को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच विवाद गहरा गया है। प्रभावित किसानों का आरोप है कि उनकी कृषि भूमि का अधिग्रहण बिना किसी वैधानिक नोटिस या मुआवजे के किया जा रहा है, जबकि निर्माण कार्य जारी है। किसानों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग करते हुए सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार, ग्राम बेलहा, परगना रामपुर, तहसील लालगंज स्थित गाटा संख्या 2083, 2112 और 2114 की भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग-31 बाईपास परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है। किसानों का कहना है कि सरकारी अभिलेखों में उनके हिस्से और कब्जे का स्पष्ट उल्लेख है, फिर भी उन्हें न तो अधिग्रहण की सूचना दी गई और न ही मुआवजा दिया गया। प्रभावित किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उनके खेतों का समतलीकरण जबरन कराया जा रहा है। किसानों का कहना है कि जब वे अपनी आपत्ति दर्ज कराने या काम रुकवाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें वहां से हटने के लिए कहा जाता है और उनकी बात सुनने के बजाय निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। कई किसानों ने उठाई आवाज किसान रामदीन यादव ने बताया कि उनकी खेती ही परिवार के भरण-पोषण का मुख्य साधन है। धान की खेती का समय चल रहा है, लेकिन खेतों में मशीनें चलाकर जमीन को समतल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार लेखपाल, तहसील प्रशासन, एसडीएम और अन्य अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि खेती और रोजी-रोटी दोनों संकट में हैं। खजुरी निवासी टकैन ने आरोप लगाया कि उनकी भूमि पर बिना अनुमति निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विरोध करने पर उन्हें दबाव का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रीता देवी ने बताया कि कई बार अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद उन्हें मुआवजे और अधिग्रहण प्रक्रिया की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। भानुमति ने कहा कि उनकी भूमि पर बिना नोटिस के समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है। पटेरिया निवासी कमला देवी ने भी आरोप लगाया कि उनकी जमीन परियोजना में जाने के बावजूद उन्हें अब तक कोई भुगतान नहीं मिला है। सुदीन का पुरवा निवासी किसान सुभाष यादव ने कहा कि कई बार तहसील और जिला प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। किसान यूनियन ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों के अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जबकि मुआवजे का भुगतान लंबित है। उन्होंने कहा कि यह किसानों के साथ अन्याय और शोषण का मामला है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों को शीघ्र मुआवजा नहीं दिया गया और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर लालगंज से लेकर दिल्ली तक धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है और उसके अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल प्रभावित किसानों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अधिग्रहित भूमि का उचित मुआवजा दिलाने तथा निर्माण कार्य से पहले सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि सड़क निर्माण जैसी जनहित परियोजनाओं का उन्हें विरोध नहीं है, लेकिन उनके अधिकारों और आजीविका की कीमत पर विकास कार्य स्वीकार नहीं किया जा सकता। एसडीएम ने दिया कार्रवाई का आश्वासन इस संबंध में एसडीएम लालगंज शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि बेलहा क्षेत्र के किसानों द्वारा भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से संबंधित प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में संबंधित अभिलेखों की जांच कराई जा रही है और जिन किसानों की भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में अधिग्रहित हुई है, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। एसडीएम वर्मा ने स्पष्ट किया कि कुछ किसानों का भुगतान हो चुका है, जबकि कुछ मामलों में अभिलेखों और स्वामित्व संबंधी विवरणों का सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच प्रक्रिया पूरी होते ही पात्र किसानों के मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा। वहीं, किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आंदोलन को तेज कर दिल्ली तक ले जाएंगे।

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