पांच साल पुराने राजस्व मुकदमों को इसी माह निपटाएं अफसर:प्रयागराज डीएम ने अफसरों को दिए सख्त निर्देश


प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार शाम संगम सभागार में राजस्व कार्यों और आईजीआरएस (IGRS) मामलों की समीक्षा की। इस दौरान यह सामने आया कि तहसील स्तर पर राजस्व वादों के निस्तारण में देरी के कारण जिले की प्रदेश में रैंकिंग लगातार गिर रही है। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पांच वर्ष से अधिक पुराने सभी राजस्व वादों का निस्तारण इसी महीने किया जाए। जिलाधिकारी वर्मा ने स्पष्ट किया कि जुलाई माह के बाद जिले के किसी भी न्यायालय में पांच वर्ष से अधिक पुराना कोई भी मामला लंबित नहीं मिलना चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने तीन साल से अधिक पुराने मुकदमों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए उन्हें अभियान के रूप में निपटाने के निर्देश दिए। बैठक में नामांतरण (म्यूटेशन) के मामलों को लेकर जिलाधिकारी विशेष रूप से सख्त दिखे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी तहसील में निर्धारित समय-सीमा के एक सप्ताह बाद भी म्यूटेशन से संबंधित कोई फाइल लंबित पाई जाती है, तो संबंधित तहसीलदार या उपजिलाधिकारी के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अंश निर्धारण से संबंधित सभी लंबित मामलों को 30 जुलाई तक पूरी तरह समाप्त करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने धारा-34, धारा-80 और धारा-116 के अंतर्गत आने वाले प्रकरणों की विशेष समीक्षा की। उन्होंने उन तहसीलों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए जिनकी रैंकिंग इन धाराओं के निस्तारण में संतोषजनक नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रैंकिंग सुधारने का एकमात्र तरीका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण है। अधिकारियों को यह भी हिदायत दी गई कि वे जमीन के विवादों के मामलों को केवल फाइलों में ही न सुलझाएं, बल्कि स्वयं मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करें और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को अपने न्यायालयों में नियमित रूप से उपस्थित होकर मुकदमों की निरंतर सुनवाई करने के निर्देश दिए गए। अभिलेखों में त्रुटि सुधार से संबंधित एक वर्ष से लंबित प्रकरणों की संख्या को इसी माह शून्य करना अनिवार्य बताया गया। इसके अतिरिक्त, कृषक दुर्घटना से संबंधित समय-सीमा से अधिक लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण कर पीड़ितों को राहत पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए। राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली ‘फार्मर रजिस्ट्री’ के कार्यों में गति लाते हुए इसे समयबद्ध पूरा किया जाए। डीएम ने बैठक में अनुपस्थित रहने या कार्य में उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों को फटकार लगाई।

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