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देवरिया में शहर के बेलडाड़ मोड़ स्थित अवतार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती दो युवकों की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने केंद्र के संचालक पंकज कुमार मिश्र को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को रविवार को हिरासत में लेने के बाद न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। दो अलग-अलग मौतों के बाद नशा मुक्ति केंद्र की कार्यप्रणाली और वहां मरीजों को दी जा रही सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब केंद्र के संचालन से लेकर इलाज और देखरेख की व्यवस्था तक की जांच कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी पुलिस के मुताबिक दोनों मृतकों के परिजनों की तहरीर पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर केंद्र संचालक पंकज कुमार मिश्र (30) पुत्र ओमप्रकाश मिश्र निवासी समउर गोपालपुर, थाना कटेया, जिला गोपालगंज (बिहार) को गिरफ्तार किया गया। एसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। पहली मौत: सुरेश यादव की संदिग्ध मौत से खुला मामला तिलई बेलवा निवासी 38 वर्षीय सुरेश यादव को 16 मई को नशे की लत छुड़ाने के लिए अवतार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि भर्ती के समय उनकी तबीयत सामान्य थी। 21 मई की रात केंद्र प्रशासन ने फोन कर परिवार को बताया कि सुरेश की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। सूचना मिलते ही परिजन केंद्र पहुंचे और उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सुरेश के पुत्र ने मौत को संदिग्ध बताते हुए कोतवाली थाने में शिकायत दी। इसके आधार पर 29 मई को बीएनएस की धारा 105 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। दूसरी मौत ने बढ़ाया शक, रितेश राव भी नहीं बच सके पहले मामले की जांच चल ही रही थी कि इसी केंद्र में भर्ती एक और युवक की मौत का मामला सामने आ गया। राघवनगर निवासी रितेश राव को 11 मई को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार 25 मई को केंद्र से फोन आया कि उनकी तबीयत खराब हो गई है। परिजन तत्काल पहुंचे और रितेश को जिला अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। रितेश एक मैरेज हॉल का संचालन अपने पिता के साथ करते थे। लगातार दो युवकों की मौत से परिजनों के साथ-साथ प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई। रितेश के परिवार ने भी केंद्र प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने दूसरा मुकदमा दर्ज किया। दोनों मामलों में कई समानताएं पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि दोनों युवकों की मौत से पहले केंद्र प्रशासन ने परिजनों को अचानक तबीयत बिगड़ने की सूचना दी थी। दोनों मामलों की परिस्थितियां लगभग एक जैसी होने के कारण जांच एजेंसियां इलाज और देखरेख में संभावित लापरवाही के पहलू पर विशेष ध्यान दे रही हैं। पुलिस बोली- जांच जारी पुलिस ने बताया कि परिजनों के बयान, केंद्र से जुड़े दस्तावेज, चिकित्सकीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का अध्ययन किया गया है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर संचालक को नामजद आरोपी बनाया गया। क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी ने बताया कि दोनों मुकदमों की विवेचना जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जिले के नशा मुक्ति केंद्रों पर उठे सवाल दो युवकों की मौत और संचालक की गिरफ्तारी के बाद जिले में संचालित निजी नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे केंद्रों में भर्ती मरीजों की सुरक्षा, चिकित्सकीय देखरेख और आपातकालीन सुविधाओं की नियमित जांच होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। वहीं मृतकों के परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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देवरिया नशा मुक्ति केंद्र में दो मौतें, संचालक गिरफ्तार:5 दिन में हुई दो मौतें, परिवार बोले- अचानक तबियत खराब होने की जानकारी दी