डीएम का निर्देश: 30 जून तक निस्तारित करें म्यूटेशन मामले:मौके पर जाकर हल करें जमीनों के विवाद तो राजस्व के मुकदमों में आएगी कमी


प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने राजस्व कार्यों और जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) की समीक्षा बैठक की। संगम सभागार में आयोजित इस बैठक में उन्होंने लंबित राजस्व वादों के निस्तारण में देरी पर नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को समयसीमा के भीतर मामले निपटाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से म्यूटेशन (नामांतरण) से संबंधित सभी लंबित मामलों को 30 जून तक अनिवार्य रूप से निपटाने का आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तिथि के बाद यदि कोई भी म्यूटेशन मामला लंबित पाया जाता है, तो संबंधित तहसील के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। राजस्व मुकदमों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निपटारे के लिए डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) और तहसीलदारों को नियमित रूप से न्यायालय में सुनवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विवादों का निस्तारण केवल फाइलों तक सीमित न रहे, बल्कि अधिकारी मौके पर जाकर स्थल निरीक्षण करें और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने पांच वर्ष और तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी राजस्व प्रकरणों को शीर्ष प्राथमिकता पर निपटाने का निर्देश दिया। उन्होंने एक वर्ष से लंबित त्रुटि सुधार के मामलों को शून्य करने के लिए भी कहा। खराब रैंकिंग वाली तहसीलों को धारा-34, 80 और 116 से संबंधित वादों का जल्द निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद की गिरती आईजीआरएस रैंकिंग पर चिंता व्यक्त करते हुए डीएम ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए। शिकायतकर्ता से बात करके उन्हें संतुष्ट करना और उनसे संतोषजनक प्रतिक्रिया प्राप्त करना अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने टास्क फोर्स को अवैध खनन के खिलाफ निरंतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले भू-माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए गए हैं।

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