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झांसी में कोतवाली थाना क्षेत्र की स्वामीपुरम कॉलोनी में देर रात एक तीन मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। मकान के निचले फ्लोरों पर स्पेयर पार्ट्स और टायर भरे हुए थे, जबकि सबसे ऊपरी मंजिल पर परिवार के सदस्य सो रहे थे। कमरों में धुआं भरने पर उनकी नींद खुली तो बाहर निकलने का रास्ता आग की लपटों से घिरा मिला। इसके बाद उन्होंने पड़ोसी की छत पर कूदकर जान बचाई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अब समझें घटनाक्रम… धुएं से खुली नींद, सीढ़ियों पर मिली आग ग्वालियर रोड स्थित स्वामीपुरम कॉलोनी निवासी हरेकृष्ण मुखरइया के अनुसार उनके मकान के बेसमेंट में ई-स्कूटर खड़ी थी, जबकि पहली और दूसरी मंजिल पर कारों के स्पेयर पार्ट्स और टायर रखे हुए थे। तीसरी मंजिल पर वह, उनका बेटा अनुभव मुखरइया और बहू सो रहे थे। रात करीब 11:40 बजे कमरे में धुआं भरने लगा तो उनकी नींद खुली। अनहोनी की आशंका पर उन्होंने बेटे और बहू को जगाया और नीचे उतरने के लिए सीढ़ियों की ओर बढ़े, लेकिन दूसरी मंजिल से उठ रही आग की लपटें ऊपर तक पहुंच चुकी थीं। ऐसे में तीनों लोग छत पर पहुंचे और शोर मचाकर पड़ोसियों को जगाया। बाद में पड़ोसी की छत पर कूदकर अपनी जान बचाई। चंद मिनटों में तीनों मंजिलें आग की चपेट में आईं परिजनों के सुरक्षित बाहर निकलने तक आग चंद मिनट में पूरे मकान में फैल चुकी थी। पड़ोसी हर्षवर्धन ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल की चार गाड़ियों और पुलिस टीम ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।
हालांकि तब तक मकान में रखा स्पेयर पार्ट्स का माल, टायर और घरेलू सामान पूरी तरह जल चुका था। परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। 25 लाख के नुकसान का दावा हरेकृष्ण मुखरइया का कहना है कि आग में करीब 25 लाख रुपए का माल और गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया है। उन्होंने बताया कि घर में बने कार्यालय में उधारी का रजिस्टर भी रखा था, जिसमें लाखों रुपए का हिसाब-किताब दर्ज था। वह भी आग में जलकर राख हो गया। ई-स्कूटर से आग लगने की आशंका मकान मालिक ने बताया कि बेसमेंट में खड़ी ई-स्कूटर की बैटरी पूरी तरह चार्ज थी। उनका अनुमान है कि स्कूटर में शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लगी होगी। आग में स्कूटर भी पूरी तरह जल गई है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच पुलिस और फायर विभाग द्वारा की जा रही है। मकान को बना रखा था गोदाम आग बुझने के बाद जब पुलिस और अन्य अधिकारी मकान के अंदर पहुंचे तो सामने आया कि करीब 12 फीट चौड़े इस तीन मंजिला मकान के दो फ्लोर गोदाम की तरह इस्तेमाल किए जा रहे थे। बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री रखी गई थी। साथ ही आग जैसी आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता भी नहीं था। यही कारण रहा कि परिवार को जान बचाने के लिए पड़ोसी की छत पर कूदना पड़ा।
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झांसी के तीन मंजिला मकान में लगी भीषण आग:तीसरी मंजिल पर सो रहा था परिवार, नीचे बनाए थे गोदाम, पड़ोसी की छत पद कूदकर बचाई जान