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लखनऊ विश्वविद्यालय के आठ दिवसीय ‘दीक्षोत्सव-2026’ के तीसरे दिन कला, साहित्य और बौद्धिक क्षमता का जबरदस्त संगम देखने को मिला। कैंपस में दिनभर युवा ऊर्जा का दबदबा रहा, जहां विद्यार्थियों ने छह प्रमुख प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। साहित्यिक सत्र में संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू की चर्चित किताबों की समीक्षा की गई। प्रो. विनीत मैक्सवेल डेविड, प्रो. ममता तिवारी सहित 5 सदस्यीय निर्णायक मंडल की मौजूदगी में आदित्य धनराज, अनन्या और नंदिता जैसे दर्जनों छात्रों ने समीक्षाएं पेश कीं। भारतीय संस्कृति के रंगों को कैनवास पर उकेरा वहीं, चित्रकला प्रतियोगिता में ‘हमारी प्राचीन विरासत’ थीम पर अर्चित, इशा और कर्णिका समेत कई युवाओं ने भारतीय संस्कृति के रंगों को कैनवास पर उकेरा। पोस्टर मेकिंग का विषय ‘लखनऊ के स्वतंत्रता सेनानी’ और ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ रखा गया। आकृति, सानिया और उदय समेत अन्य प्रतिभागियों ने पोस्टरों के जरिए इतिहास के इन स्वर्णिम पन्नों को जीवंत कर दिया। कथक की लय और तर्कों की जंग शास्त्रीय एकल नृत्य में कथक की दिलकश प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। प्रो. केया पाण्डेय व प्रो. मनिनी श्रीवास्तव के सामने अनुष्का, खुशी और ध्रुव जैसे कलाकारों ने मंच पर कदम थिरकाए। इसके अलावा, शिवेंद्र और उनकी टीम के संचालन में हुई क्विज और वाद-विवाद प्रतियोगिता में सैकड़ों छात्रों ने समसामयिक मुद्दों पर तीखे तर्क रखकर अपनी बौद्धिक क्षमता साबित की। 30 जुलाई को होगा विजेताओं का ऐलान कुलपति ने युवाओं के इस उत्साह की सराहना करते हुए इसे प्रतिभा निखारने का बेहतरीन मंच बताया। कार्यक्रम का समापन मुख्य छात्र समन्वयक प्रतीक मिश्रा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। दीक्षोत्सव की सभी 13 प्रतियोगिताओं के अंतिम परिणाम 30 जुलाई को होने वाले समापन समारोह में घोषित किए जाएंगे।
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लखनऊ यूनिवर्सिटी में दीक्षोत्सव की धूम:कथक के घुंघरू झनके, डिबेट में चले तर्कों के तीर; 30 को आएंगे नतीजे