शाहपुर वार्ड में पीएम आवास की जांच हो:पार्षद का निर्वाचन निरस्त होने के बाद उठाई मांग


महानगर के शाहपुर वार्ड संख्या 43 में प्रधानमंत्री आवास की जांच करने की मांग की गई है। मोहल्ले के निवासी एवं अधिवक्ता सुशील कुमार शुक्ला ने अन्य अधिवक्ताओं के साथ पत्रकारवार्ता कर यह मांग रखी। उन्होंने कहा कि पार्षद का निर्वाचन शून्य करने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस वार्ड में प्रधानमंत्री आवास के आवंटन में अनियमितता है इसकी जांच होनी चाहिए।
एडवोकेट सुशील कुमार शुक्ला ने कहा कि कोर्ट की ओर से पारित आदेश एवं सरकारी अभिलेखों से यह प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत लाभ वितरण में गंभीर अनियमितता की आशंका है। इसकी जांच किसी स्वतंत्र एवं सक्षम एजेंसी से करानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस परिवार में पार्षद होने के बावजूद तीन लोगों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित किए गए। इसकी जांच होनी चाहिए। यदि यह नियमों के अनुसार नहीं है तो कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। अधिवक्ता ने मांग की कि पार्षद के कार्यकाल के दौरान विभिन्न विभागों से कराए गए विकास कार्यों की जांच कराई जाए। जांच में अनियमितता मिले तो सख्त कार्रवाई की जाए। यह जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।
23 जुलाई को कोर्ट ने निरस्त किया था निर्वाचन एडीजे कोर्ट ने 23 जुलाई को लंबी सुनवाई के बाद शाहपुर वार्ड के पार्षद ज्ञानती देवी का निर्वाचन शून्य कर दिया था। इस बात की जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी को दी गई है। वहां से नगर निकाय निदेशालय को पत्र भेजा जाएगा। सीट रिक्त करने के बाद यहां उपचुनाव होंगे। हालांकि पार्षद पक्ष के पास अभी हाईकोर्ट जाने का अवसर है। माना जा रहा है कि यह पक्ष हाईकोर्ट में अपील करेगा और स्थगन लाने का प्रयास करेगा।

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