जौनपुर में फाइलेरिया मरीजों को मिला प्रबंधन प्रशिक्षण:मुफ्तीगंज में संचारी दस्तक अभियान के तहत 10 को किट मिली


जौनपुर में मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव द्वारा संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं फाइलेरिया रुग्णता प्रबंधन कैंप के तहत रविवार को ब्लॉक मुफ्तीगंज के ग्राम विजयीपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर फाइलेरिया (हाथीपांव) मरीजों के लिए रूग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता रोकथाम कैंप आयोजित किया गया। इस कैंप में सी एच ओ खुशबू मौर्या, डी ओ पाथ अमरेश कुमार एवं क्षेत्रीय आशाओं ने सहयोग किया। इस दौरान समस्त 10 मरीजों को रूग्णता प्रबंधन प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें एक्सरसाइज, साफ-सफाई और धुलाई आदि की जानकारी देकर रुग्णता प्रबंधन किट भी प्रदान की गई। मरीजों और उनके परिजनों को संचारी रोगों के कारण, लक्षण, बचाव, मच्छरों के रोकथाम, साफ-सफाई, झाड़ी की कटाई और हाथ धोने के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर पोस्टर और पैम्फलेट भी वितरित किए गए। कैंप के बाद, विजयीपुर ग्राम में संचारी दस्तक अभियान से संबंधित गतिविधियों का पर्यवेक्षण किया गया। इस दौरान आशा विजय लक्ष्मी पाठक उपस्थित रहीं और जन समुदाय को संचारी रोगों के बारे में जागरूक किया गया। जनपद में संचारी दस्तक अभियान 01 जुलाई से 31 जुलाई तक और दस्तक अभियान 11 जुलाई से 31 जुलाई तक संचालित हो रहा है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास विभाग से आशा और आंगनवाड़ी कार्यकत्री घर-घर भ्रमण कर संचारी रोगों से बचाव के बारे में लोगों को जागरूक करेंगी। वे टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया आदि लक्षण युक्त मरीजों को चिन्हित कर उनकी जांच और उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र संदर्भित करेंगी।
संचारी रोगों से बचाव के लिए जनसमुदाय से अपील की गई है कि वे अपने घरों के आस-पास साफ-सफाई रखें, झाड़ियां न उगने दें और जल जमाव न होने दें। नालियों में कूड़ा-कबाड़ न डालें और रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल डालें। कूलर, फ्रिज की ट्रे और गमलों आदि में जमा पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदल दें। टंकियों को ढक कर रखें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और खुले बदन न सोएं। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें और खुले में शौच न करें। खाना खाने से पहले साबुन से हाथ अवश्य धोएं। बुखार होने पर तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जाकर निःशुल्क जांच और उपचार कराएं, क्योंकि “बुखार में देरी पड़ेगी भारी”। इस दौरान “जल जमाव होगा जहां, मच्छर पैदा होंगे वहां” और “शूकर, मच्छर, गंदा पानी, संचारी रोगों की रचे कहानी” जैसे नारे भी दिए गए।

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