आज आवास विकास का घेराव करेंगे व्यापारी और अस्पताल संचालक:शास्त्रीनगर में 21 अस्पतालों-नर्सिंग होम को नोटिस देने का विरोध


मेरठ में आवास एवं विकास परिषद की कार्रवाई के विरोध में आज व्यापारी और अस्पताल संचालक परिषद कार्यालय का घेराव करेंगे। अस्पताल संचालक पिछले दो दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। अब आज वे आवास विकास कार्यालय पर बैठकर धरना देंगे। व्यापारी भी उनके समर्थन में शामिल होंगे और कार्रवाई का विरोध करेंगे। दरअसल, आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवासीय भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। शास्त्रीनगर, जागृति विहार और माधवपुरम समेत आवासीय योजनाओं में सर्वे कराया जा रहा है। इसी के तहत शास्त्रीनगर में आवासीय भूखंडों पर चल रहे 21 अस्पतालों और नर्सिंग होम को नोटिस दिए गए थे। परिषद ने 13 अगस्त को इन अस्पतालों पर नोटिस चस्पा किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय भवनों में अस्पताल, नर्सिंग होम, बैंक और स्कूल जैसी व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। EWS और LIG मकानों में व्यावसायिक गतिविधियों और सेटबैक के नियमों को लेकर भी मामला चल रहा है। इस मामले में अगली सुनवाई सितंबर में होनी है। इन अस्पतालों को नोटिस अर्जुन हॉस्पिटल, अर्जुन मेमोरियल एंड मल्टी स्पेशियलिटी, जीवन ज्योति नर्सिंग होम, कैपिटल हॉस्पिटल, विकास गर्ग नर्सिंग होम, सुनीता नर्सिंग होम, जगदंबा हॉस्पिटल, संतोष हॉस्पिटल, एमसीसी हॉस्पिटल, डॉ. यूनूस नर्सिंग होम, सुशील नर्सिंग होम, ब्लासम नर्सिंग होम, एसएम हॉस्पिटल, वेदांत हॉस्पिटल, अग्रवाल नर्सिंग होम, शिवम नर्सिंग होम, उपाध्याय नर्सिंग होम, आनंदित नर्सिंग होम, अंबे नर्सिंग होम और प्रेम नर्सिंग होम समेत 21 अस्पताल शामिल हैं। 128 दिन से धरने पर सेक्टर-2 की महिलाएं शास्त्रीनगर सेक्टर-2 की EWS और LIG कॉलोनी की महिलाएं भी अपनी मांगों को लेकर लगातार धरने पर बैठी हैं। उनका धरना करीब 128 दिन से जारी है। बीते दिन महिलाओं ने रात में क्षेत्र में घूम-घूमकर लोगों से अपने आंदोलन के लिए सहयोग और समर्थन मांगा। महिलाओं का कहना है कि सेटबैक के नियमों के कारण उनके छोटे मकानों पर कार्रवाई का खतरा बना हुआ है। घर बचाओ संघर्ष समिति से जुड़े प्रतिनिधियों ने हाल ही में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और आवास आयुक्त अनिल ढींगरा से मुलाकात कर समस्या बताई थी। प्रतिनिधियों के मुताबिक, अधिकारियों ने भरोसा दिया कि EWS और LIG मकानों के लिए नई नीति तैयार की जा रही है। इसमें छोटे मकान मालिकों को राहत देने का प्रावधान किया जाएगा।

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