कानपुर में अजन्मी बेटियों के लिए किया महातर्पण:महिलाओं ने गंगा के किनारे किया पिंडदान,बेटा-बेटी में भेदभाव खत्म करने का लिया संकल्प


कानपुर में गर्भ में ही मार दी गईं अजन्मी बेटियों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के लिए रविवार को महिलाओं ने गंगा किनारे महातर्पण किया। सरसैया घाट पर युग दधीचि बेटी बचाओ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में 40 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया। महिलाओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अजन्मी बेटियों को जल अर्पित कर उनका तर्पण किया। इस दौरान भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीति को रोकने और समाज में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव खत्म करने का संकल्प भी लिया गया। अजन्मी बेटियों के लिए किया तर्पण युग दधीचि देहदान संस्थान की पहल पर आयोजित महातर्पण कार्यक्रम में दिवंगत देहदानियों और देश की रक्षा में बलिदान देने वाले शहीदों के लिए भी जलदान और श्राद्ध क्रिया की गई। सरसैया घाट पर महिलाओं ने विधि-विधान से पूजन के बाद अजन्मी बेटियों के लिए तर्पण किया। कार्यक्रम में पूर्व महापौर जगतवीर सिंह द्रोण, कार्यक्रम संयोजक मनोज सिंह सेंगर, माधवी सेंगर और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पौत्री नंदिता मिश्रा सहित कई लोग मौजूद रहे। 2011 से हर साल हो रहा महातर्पण कार्यक्रम संयोजक मनोज सिंह सेंगर ने बताया कि साल 2011 से लगातार हर साल महिलाओं के हाथों अजन्मी बेटियों के लिए महातर्पण कराया जा रहा है। पुत्र मोह में जिन बेटियों को गर्भ में ही मार दिया जाता है, उनके लिए परिवार में कोई नाम लेने वाला तक नहीं होता। ऐसे में उनके लिए तर्पण करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गर्भ में ही मौत की नींद सुला दी गईं बेटियों को जल अर्पित किया गया है। इस आयोजन का उद्देश्य समाज को भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूक करना और बेटियों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। बेटियों के लिए समाज को बदलनी होगी सोच कार्यक्रम में मुख्य पूजन करने वाली अटल बिहारी वाजपेयी की पौत्री नंदिता मिश्रा ने कहा कि गर्भपात और पुत्र मोह के कारण जिन बेटियों को जन्म लेने से पहले ही मार दिया जाता है, उनके लिए तर्पण करना जरूरी है। इस तरह के आयोजनों से समाज में जागरूकता आएगी और आने वाली पीढ़ियां भी बेटियों के महत्व को समझेंगी। कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठजनों ने भ्रूण हत्या को समाज के लिए कलंक बताते हुए कहा कि बेटियां हैं तो कल है। बेटा और बेटी में अंतर करने वाली मानसिकता को बदलना होगा। राज्य योजना आयोग की सदस्य डॉ. पूनम द्विवेदी, अनीता गुप्ता, अलका दीक्षित, डॉ. सीमा श्रीवास्तव और पुष्पलता अवस्थी सहित कई महिलाएं भी महातर्पण में शामिल हुईं।

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