उवैस चौधरी | इटावा2 मिनट पहले
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उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस) सैफई और Jamia Millia Islamia के बीच सोमवार सुबह 11 बजे फिजियोथेरेपी शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए एमओयू हुआ है। इस समझौते के तहत दोनों संस्थान शिक्षा, शोध, नवाचार और व्यावसायिक सहयोग के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।
यूपीयूएमएस के फैकल्टी ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज के फिजियोथेरेपी विभाग तथा जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सेंटर फॉर फिजियोथेरेपी एंड रिहैबिलिटेशन साइंसेज के बीच हुए इस एमओयू का उद्देश्य फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में नवीन वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति का आदान-प्रदान, आधुनिक उपचार पद्धतियों पर शोध को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थियों और शोधार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।

यूपीयूएमएस के कुलपति अजय सिंह ने इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि ऐसे सहयोग से मरीजों के उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा और अनुसंधान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे।
उन्होंने बताया कि दोनों संस्थान संयुक्त शोध परियोजनाएं संचालित करेंगे, शोध प्रकाशनों को प्रोत्साहित करेंगे तथा नवाचार आधारित गतिविधियों का आयोजन करेंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कौशल विकास कार्यशालाएं, शैक्षणिक आदान-प्रदान और क्षमता संवर्धन कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह में कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह, वित्त नियंत्रक जगरोपण राम, कुलसचिव दीपक वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. एसपी सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित सिंह, फैकल्टी ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज के अधिष्ठाता प्रो. जेपी मथुरिया, फिजियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरीशंकर पोथुरी, सहायक आचार्य मयंक कुमार तथा जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सेंटर फॉर फिजियोथेरेपी एंड रिहैबिलिटेशन साइंसेज के प्रो. (डॉ.) सूरज कुमार सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी एवं संकाय सदस्य मौजूद रहे।
