TCS Nashik Case | Accused Nida Khan Absconding, No POSH Complaint

मुंबई3 मिनट पहले

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पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन निदा खान अब भी फरार है। - Dainik Bhaskar

पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन निदा खान अब भी फरार है।

नासिक के TCS ऑफिस में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी निदा खान अभी भी फरार है। पुलिस के मुताबिक, उसे ढूंढने के लिए तीन अलग-अलग टीमें बनाई गईं हैं।

जांच के दौरान निदा खान के पति को भी शुक्रवार को पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस स्टेशन के इलाके में हिरासत में लिया गया। पति ने बताया था कि निदा एक रिश्तेदार के घर पर रुकी हुई है लेकिन जब अधिकारी वहां पहुंचे तो घर पर ताला लगा हुआ था। पुलिस ने बताया कि आरोपी और उसके रिश्तेदारों दोनों के मोबाइल फोन भी बंद हैं।

उधर TCS कंपनी ने भी इंटरनल जांच शुरू कर दी है। कंपनी ने बताया कि किसी भी पीड़ित ने कंपनी की POSH (प्रिवेंशन ऑफ सेक्शुअल हैरेसमेंट) पॉलिसी के तहत कभी कोई शिकायत नहीं की।

पुलिस ने इस मामले में अब तक 8 लोगों के खिलाफ 9 FIR दर्ज की गई है। 7 लोगों को गिरफ्तार कर किया है।

परिवार का दावा- निदा फरार नहीं, वह प्रेग्नेंट है

इस बीच फरार आरोपी निदा खान ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। निदा के पिता ने कहा कि उनकी बेटी के खिलाफ साजिश हुई है। यह मामला नासिक के बाबा अशोक खरात से जुड़े विवाद को दबाने के लिए खड़ा किया गया है। निदा ने शिकायत करने वाली महिला से कभी बात तक नहीं की और न ही किसी को धर्म परिवर्तन के लिए कहा।

उनका परिवार सभी धर्मों का सम्मान करता है। परिवार ने बताया कि निदा इस समय गर्भवती है और भिवंडी स्थित अपने ससुराल में रह रही हैं।

निदा खान सस्पेंड, कंपनी ने गंभीर मामला बताया

TCS ने 9 अप्रैल को निदा को सस्पेंड कर दिया था। सस्पेंड में कहा गया कि उनके खिलाफ गंभीर मामला सामने आया है। कंपनी ने उनका सिस्टम एक्सेस बंद कर दिया है। सभी कंपनी एसेट्स लौटाने के निर्देश दिए हैं। निदा खान ने दिसंबर 2021 में कंपनी जॉइन की थी। वह प्रोसेस एसोसिएट के पद पर काम कर रही थीं।

नासिक TCS केस में 4 सदस्यीय जांच पैनल

चार सदस्यीय जांच समिति ने जांच शुरू कर दी है। वकील मोनिका अरोड़ा ने शनिवार को ANI से कहा कि पैनल सभी पक्षों से बात करेगा और उसके बाद रिपोर्ट तैयार करेगा।

उन्होंने कहा कि अभी कोई निष्कर्ष देना संभव नहीं है। सभीसे बातचीत के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर सिफारिश और रिपोर्ट बनाई जाएगी। यह समिति चार सदस्यों की है, जिसमें एक रिटायर्ड जज, एक पूर्व IPS अधिकारी, एक वकील और NCW का कोऑर्डिनेटर शामिल है।

पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

अब जानिए क्या है पूरा मामला…

TCS के नासिक ऑफिस में काम करने वाली महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगाए। SIT से जुड़े सोर्स कहते हैं, ‘पहली FIR 26 मार्च को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। इसके बाद 8 और महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। इनके बयानों से यौन शोषण, जोर-जबरदस्ती और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का पैटर्न सामने आया है।

9 में से 3 पीड़ित महिलाओं की FIR मिली…

पहली पीड़ित

सीनियर पूछते- हनीमून पर कहां गई, क्या-क्या किया

पीड़ित महिला ने 2 अप्रैल को नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में FIR कराई है। उसके मुताबिक, जून 2025 से 31 मार्च 2026 तक वो TCS ऑफिस में एसोसिएट थी। पति काम के सिलसिले में पुणे में रहते हैं।

FIR में उसने बताया, ‘24 जून 2025 को मुझे 3 महीने के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल किया गया। रजा मेमन का मेरी ट्रेनिंग से कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी वो मेरे पास आकर पर्सनल लाइफ के बारे में पूछते। कहते थे कि पति के साथ क्यों नहीं रहती, हनीमून पर कहां गई थी। वहां क्या किया, कैसे किया। रजा मेमन के साथ शाहरुख कुरैशी भी था।‘

ट्रेनिंग में आसिफ अंसारी भी अक्सर मेरे पास आ जाता। सटकर बैठता और गलत तरह से छूता। कभी जांघ या कंधे पर हाथ रख देता। एक दिन लंच के वक्त हाथ गोद में रख दिया। फिर बोला- अगर कोई फिजिकल नीड हो, तो बताओ, पूरा कर दूंगा।

महिला ने बताया, ‘सीनियर तौसीफ अत्तार ने भी गलत बर्ताव किया। वो भी टीम में नहीं था, फिर भी पास आकर खाने के लिए पूछता। अश्लील तरीके में पूछता, ‘क्या संतरे लाई हो। छोटे वाले लाई हो या बड़े वाले।’ वो चेहरा सटाता और छूता था। जब सवाल किया, तो कहा, ‘क्या तुम्हें आगे नहीं बढ़ना।‘

पीड़ित के मुताबिक, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तार और शफी शेख ने उसे फिजिकली और मेंटली टॉर्चर किया। हिंदू देवी-देवताओं को अपशब्द कहे, जिससे उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। उसने HR सेल में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने मुंबई नाका थाने में शिकायत की।

पुलिस को मिली 9 पीड़ितों की FIR के मुताबिक, 18 से 25 साल की महिला कर्मचारियों को टारगेट किया गया।

दूसरी पीड़ित

‘ईश्वर वही जो अदृश्य है, हिंदू देवी-देवता झूठे’

मुंबई नाका पुलिस स्टेशन पर दर्ज शिकायत के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर 2025 तक उसका ऑफिस में यौन उत्पीड़न हुआ। महिला कंपनी में क्रेडिट कार्ड कस्टमर्स की शिकायतें सुनती थी। उसने बताया, ‘तौसीफ अत्तार अपने धर्म को ऊंचा दिखाता और हिंदू धर्म को नीचा। वो कहता कि सच्चा ईश्वर वही है, जो अदृश्य है। हिंदू धर्म में देवता दिखते हैं, इसलिए झूठे हैं।‘

‘दिसंबर 2025 की बात है। मैं लंच के बाद छाछ पी रही थी, तभी तौसीफ आया और पूछा- ‘क्या पी रही हो?’ मैंने कहा- ‘छाछ पी रही हूं।’ उसने अजीब नजरों से देखा और कहा- मेरे पास भी छाछ है, क्या पीना चाहोगी। ये कहते हुए उसने प्राइवेट पार्ट की ओर इशारा किया।’

ये FIR भी 2 अप्रैल को नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई।

तीसरी पीड़ित

भगवान कृष्ण और शिव को लेकर गलत बातें कीं

तीसरी FIR में पीड़ित ने बताया, ‘मैं दिसंबर 2024 में ऑफिस में थी। तब शफी शेख काम के बहाने पास आकर बैठ गया और जानबूझकर मेरे पैर से अपना पैर रगड़ने की कोशिश की। फिर मेरा कीपैड इस्तेमाल करने के बहाने गलत तरह से छुआ। मैंने कुर्सी दूर कर ली, तो हंसते हुए चला गया।‘

‘फरवरी 2026 में तौसीफ ने मेरे धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश की। उसने कहा कि कृष्ण ने 16 हजार महिलाओं से शादी की, इससे पता चलता है कि कृष्ण कैसे थे। क्या भगवान शंकर को ये नहीं पता था कि गणेश पार्वती के बेटे हैं। अगर नहीं पता था तो देवी पार्वती को बेटा कैसे हुआ। उन्होंने गणेश का सिर क्यों काट दिया।‘

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