अंकित श्रीवास्तव | जौनपुरकुछ ही क्षण पहले
- कॉपी लिंक

जौनपुर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न न्यायालयों और विभागों से संबंधित कुल 57,495 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में 12 करोड़ 89 लाख 5 हजार 563 रुपये की समझौता राशि तय की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति नीरज तिवारी और जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन., पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रीति श्रीवास्तव, पीठासीन अधिकारी एम.ए.सी.टी. मनोज कुमार अग्रवाल सहित कई न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।

लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित 6,591 मामलों का निपटारा किया गया। इसके अतिरिक्त, राजस्व न्यायालयों और प्रशासन के अन्य विभागों से संबंधित 50,904 प्री-लिटिगेशन मामलों को भी सफलतापूर्वक सुलझाया गया।
पारिवारिक न्यायालयों ने 55 मुकदमों का निस्तारण करते हुए पीड़ितों को 37 लाख 81 हजार रुपये की समझौता राशि दिलाई। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) के पीठासीन अधिकारी ने क्षतिपूर्ति के 42 मुकदमों में से 29 का निपटारा किया, जिसमें याचिकाकर्ताओं को कुल 3 करोड़ 34 लाख 30 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई।

अपर जिला जज चतुर्थ, जौनपुर के न्यायालय ने बिजली वसूली से संबंधित 563 वादों का निस्तारण किया। विभिन्न न्यायालयों द्वारा 5,193 शमनीय फौजदारी मामलों का भी निपटारा किया गया, जिनमें 3 लाख 67 हजार 680 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इसके अतिरिक्त, एन.आई. एक्ट के 2 मामले और अन्य प्रकार के 686 मामलों का निस्तारण कर 3 लाख 46 हजार 547 रुपये की समझौता राशि दिलाई गई।
सिविल न्यायालयों ने 64 मामलों का निपटारा किया, जिसमें उत्तराधिकार के मामलों में 60 लाख 54 हजार 34 रुपये के प्रमाण पत्र जारी किए गए। प्री-लिटिगेशन स्तर पर वैवाहिक विवाद का एक मामला सुलझाया गया। राजस्व न्यायालयों में फौजदारी के 2,087 वाद, राजस्व के 715 वाद और अन्य प्रकार के 47,207 मामलों का निस्तारण हुआ। नगर पालिका द्वारा जलकर से संबंधित 110 वादों का भी निपटारा किया गया।

बैंक/फाइनेंस कम्पनी एवं बी0एस0एन0एल0 आदि के रिकवरी से सम्बन्धित 784 प्री-लिटिगेशन वाद निस्तारित किये गये तथा जिसमें मु0 82883190 रुपये का समझौता किया गया। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 57495 मामलों का निस्तारण किया गया जिसमें कुल रू 128905563 रुपये की धनराशि पर समझौता किया गया।इस दौरान लोक अदालत के अवसर पर विभिन्न श्रम कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र श्रमिकों एवं उनके परिजनों को हितलाभ/चेक, दिव्यांग विभाग अंतर्गत उपकरण वितरण तथा उद्योग विभाग अंतर्गत उपकरण वितरित किए गए।
इस अवसर पर मातृत्व, शिशु एवं बालिका हित लाभ योजना, कन्या विवाह सहायता योजना तथा मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता एवं अक्षमता पेंशन योजना के अंतर्गत कुल 5 लाभार्थियों को रु. 5,34,982 की सहायता राशि प्रदान की गई।मातृत्व, शिशु एवं बालिका हित लाभ योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों क्रमशः नेहा निवासी सिरकोनी को रु0 83,982 एवं घनश्याम निवासी सिरकोनी को रु0 56,000 की सहायता राशि प्रदान की गई। वहीं कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों निर्मला निवासी जलालपुर और दुर्गावती निवासी शाहगंज को रु. 85,000-रु. 85,000 की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके अतिरिक्त मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता एवं अक्षमता पेंशन बांटी गई।

इसके साथ ही लोक अदालत में जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के द्वारा कुल 11 लाभार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अंतर्गत 05 दिव्यांगजनों सूरज निषाद, बृजेश गुप्ता, अभिषेक पाल, बृजेश, सुजल यादव को व्हीलचेयर तथा 06 लाभार्थियों आदर्श, सजीवन लाल, शिवम गौड़, आदर्श मौर्य, आकाश मौर्य, और विशाल कुमार को स्मार्ट केन वितरित की गये।राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र, जौनपुर द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को संबंधित ट्रेडों के उपकरण वितरित किए गए।इस अवसर पर आँचल को कुम्हार ट्रेड, सुनील कुमार को राजमिस्त्री ट्रेड, राधा गुप्ता को ब्यूटीशियन ट्रेड, रेखा देवी को दर्जी ट्रेड दिया गया।
