सचिन प्रजापति | प्रयागराज3 मिनट पहले
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प्रयागराज में 13 जुलाई को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने संयुक्त रूप से जनतंत्र पर बढ़ते हमलों के विरोध में प्रदर्शन किया।
वामदलों ने जिला कचहरी परिसर में यह प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग की गई।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने देश में लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार हो रहे हमलों पर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने गैर-कानूनी बुलडोजर कार्रवाई, फर्जी मुकदमों, विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई, धरना-प्रदर्शनों की अनुमति न दिए जाने तथा आंदोलन से पहले नेताओं को नजरबंद किए जाने जैसी घटनाओं का उल्लेख किया। वामदलों ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है और असहमति की आवाज़ों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन में वामदलों ने जनआंदोलनों से पहले नेताओं और कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट या नजरबंद किए जाने पर रोक लगाने की मांग की।
इसके साथ ही, शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन की अनुमति सुनिश्चित करने, विपक्षी दलों के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को रोकने तथा गैर-कानूनी बुलडोजर कार्रवाई और फर्जी एनकाउंटर पर रोक लगाने की भी मांग की गई।
वामदलों ने नोएडा समेत विभिन्न स्थानों पर गिरफ्तार मजदूरों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों की तत्काल रिहाई तथा उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग उठाई। उन्होंने मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड का भी जिक्र किया।

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के लिए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ रही हिंसा पर भी चिंता जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
प्रयागराज जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए वामदलों ने आरोप लगाया कि धरना-प्रदर्शन की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद अनुमति नहीं दी जाती। उन्होंने सिविल लाइंस स्थित धरनास्थल पर शेड, पेयजल, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और ज्ञापन लेने के लिए एक सक्षम अधिकारी की व्यवस्था करने की भी मांग की।
प्रदर्शन में भाकपा जिला सचिव नसीम अंसारी, माकपा जिला सचिव अखिल विकल्प, भाकपा (माले) जिला सचिव सुनील मौर्य सहित विभिन्न वामपंथी संगठनों के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
