लातूर 5 मिनट पहले
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पेपर लीक मामले में आरोपी कोचिंग सेंटर संचालक के बेटे पर NTA ने NEET-UG परीक्षा देने से दो साल के लिए बैन लगा दिया है।
कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर का बेटा आदित्य NEET-UG 2027 भी नहीं दे सकेगा।
NTA ने 21 जून को NEET-UG की दोबारा परीक्षा कराई थी। इसके बाद आदित्य का रिजल्ट रोककर उससे कथित गड़बड़ियों पर जवाब मांगा गया था।
आदित्य ने अपने जवाब में परीक्षा के दौरान किसी भी गलत तरीके का इस्तेमाल करने से इनकार किया। उसने कहा कि नोटिस 3 मई की परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है।
आदित्य ने यह भी सवाल उठाया कि इसके बावजूद 21 जून को हुई दोबारा परीक्षा का रिजल्ट क्यों रोका गया।
CBI का आरोप
NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI ने शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया था। CBI के मुताबिक, उसने परीक्षा के केमिस्ट्री के सवाल हासिल करने के लिए P V कुलकर्णी को कथित तौर पर 5 लाख रुपए दिए थे।
P V कुलकर्णी परीक्षा के सवाल तैयार करने वाली NTA की टीम में शामिल थे। एजेंसी का आरोप है कि शिवराज का बेटा आदित्य, कुलकर्णी की कोचिंग क्लास में जाता था।
शिवराज मोटेगांवकर फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
NEET-UG परीक्षा और दोबारा टेस्ट
नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट), यानी NEET-UG, मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए NTA कराता है।
पेपर लीक के आरोपों के बीच NTA ने 12 मई को 3 मई को हुई NEET-UG परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई।
CBI ने पिछले महीने दिल्ली की नामित फास्ट-ट्रैक कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी। यह कोर्ट पेपर लीक और सार्वजनिक परीक्षाओं में दूसरे गलत तरीकों से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई करती है।
