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औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र में पांच साल पुराने एक मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। इसमें एक व्यक्ति को अपनी नाबालिग सौतेली बेटी से छेड़खानी का दोषी पाया गया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दोषी को पांच साल की कठोर जेल की सजा सुनाई है। उस पर 25,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। विशेष लोक अभियोजक मृदुल मिश्र ने बताया कि यह घटना 8 अगस्त 2021 की है। पीड़िता की मां ने दिबियापुर थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने 2012 में कोर्ट मैरिज की थी। पहले पति से उसकी दो बेटियां थीं, जो उसके साथ दूसरे पति के घर रहती थीं। महिला के पति पर आरोप था कि वह अक्सर अपनी 13 साल की सौतेली बेटी से छेड़खानी करता था। लोक-लाज के डर से महिला ने यह बात किसी को नहीं बताई थी। 8 अगस्त 2021 की रात पति ने फिर से बेटी से छेड़खानी की। बेटी ने यह बात अपनी मां को बताई। जब मां ने इस पर नाराजगी जताई, तो पति ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। उसने धमकी दी कि अगर शिकायत की तो जान से मार देगा। इसके बाद महिला ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इस मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो अधिनियम कोर्ट में हुई। कोर्ट ने बुधवार को इस मामले में फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक मृदुल मिश्रा ने दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोपी ने नाबालिग सौतेली बेटी से छेड़खानी कर रिश्तों की मर्यादा तोड़ी है। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर दोषी जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे एक महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को देने का भी आदेश दिया गया है। दोषी को इटावा जिला जेल भेज दिया गया है।
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नाबालिग सौतेली बेटी से छेड़खानी:औरैया में पिता को 5 साल की जेल, 5 साल पुराने मामले में फैसला