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कानपुर नगर निगम के टेंडर घोटाले की जांच अब कर्मचारियों तक पहुंच गई है। टेंडर प्रक्रिया और फर्म पंजीकरण में गड़बड़ी को लेकर मिली शिकायतों के आधार पर पुलिस ने नगर निगम के करीब 15 कर्मचारियों को नोटिस भेजा है। सभी को पूछताछ के लिए बुलाकर उन पर लगे आरोपों पर पक्ष रखने और बयान दर्ज कराने को कहा गया है। पुलिस आयुक्त कार्यालय से जारी नोटिस में कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में संलिप्तता, पदीय दायित्वों के दुरुपयोग और चुनिंदा फर्मों को ही आपूर्ति व ठेकेदारी के काम दिलाने में भूमिका निभाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। चुनिंदा फर्मों को ठेकेदारी के काम आवंटित का आरोप कानपुर पुलिस आयुक्त कार्यालय से जारी नोटिस में कई कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में संलिप्तता और पदीय दायित्वों के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि कुछ कर्मचारियों ने चुनिंदा फर्मों को ही आपूर्ति और ठेकेदारी के काम आवंटित कराने में भूमिका निभाई। नोटिस पाने वालों में इंजीनियरिंग विभाग, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय समेत अन्य विभागों में तैनात कर्मचारी शामिल हैं। इनमें कई कर्मचारी एक ही कार्यालय में तैनात बताए जा रहे हैं। नगर आयुक्त से मुलाकात करेंगे कर्मचारी वहीं यूनियन नेता रमाकांत मिश्रा ने इन शिकायतों को कर्मचारियों के खिलाफ झूठी शिकायतें बताया है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग मौजूदा परिस्थितियों का फायदा उठाकर कर्मचारियों पर आय से अधिक संपत्ति, लंबे समय से एक ही कुर्सी पर जमे रहने समेत कई आरोप लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय से मुलाकात की जाएगी। इस तरह पुलिस को कर्मचारियों से पूछताछ करनी है तो उन्हें नगर आयुक्त के माध्यम से बुलाया जाना चाहिए।
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टेंडर घोटाले में नगर निगम के 15 कर्मचारियों को नोटिस:ठेके में गड़बड़ी और चुनिंदा फर्मों को काम दिलाने के आरोप, अब पुलिस करेगी पूछताछ