Manipur Violence | Kuki-Naga Conflict Escalates Schools Markets Shut

इंफाल/गुवाहाटी4 मिनट पहले

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कांगपोकपी में बंद बाजार के बीच झगड़ते नगा-कुकी समुदाय के लोग। - Dainik Bhaskar

कांगपोकपी में बंद बाजार के बीच झगड़ते नगा-कुकी समुदाय के लोग।

मणिपुर में एक बार फिर खौफ और दहशत का माहौल है। इस बार वजह मैतेई-कुकी नहीं, बल्कि कुकी-नगा के बीच चल रहा हिंसक संघर्ष है।

बीते चार दिन में हथियारबंद उग्रवादी 4 महिलाओं समेत 6 कुकी लोगों को मौत के घाट उतार चुके हैं। कुकी संगठनों का आरोप है कि यह नगा उग्रवादियों की करतूत है।

फिलहाल इस वजह से राज्य का 7 पहाड़ी जिलों से संपर्क कट चुका है। 5 दिन से इनके ऊपरी पहाड़ी गांवों में इतना खौफ है कि लोग दिन में भी घरों से बाहर नहीं निकल रहे। 7 दिन से स्कूल-बाजार बंद हैं। मेडिकल इमरजेंसी में भी मदद नहीं मिल पा रही है।

बुधवार को भी पहाड़ी जिले कांगपोकपी में स्थानीय कुकी लोगों और सुरक्षा बलों के बीच जमकर टकराव हुआ। सुरक्षा बलों ने नाकेबंदी और बढ़ा दी है।

बुधवार को नगा समुदाय के चावांगकिनिंग लियांगमाई गांव के कई घरों में आग लगा दी गई।

बुधवार को नगा समुदाय के चावांगकिनिंग लियांगमाई गांव के कई घरों में आग लगा दी गई।

चावांगकिनिंग लियांगमाई गांव के कई घरों पर फायरिंग भी की गई। दीवारों पर बुलेट्स के निशान देखे जा सकते हैं।

चावांगकिनिंग लियांगमाई गांव के कई घरों पर फायरिंग भी की गई। दीवारों पर बुलेट्स के निशान देखे जा सकते हैं।

चीनी तक 400-450 रुपए किलो मिल रही

कांगपोकपी में रहने वाली 53 साल की मार्गरेट ने बताया कि जिला मुख्यालय में होने की वजह से उन्हें जरूरी सामान बमुश्किल मिल रहा है। कुछ अंदरुनी गांवों में 400-450 रुपए में 1 किलो चीनी मिल रही है।

यहां रहने वाले 35 वर्षीय डेविड ने बताया कि हम लोग खेतों में भी नहीं जा पा रहे हैं। कब-कहां से गोली चल जाए, नहीं पता। राज्य में 40 हजार सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं, लेकिन ये संघर्ष जातियों का है, इसलिए वो भी मदद नहीं कर पा रहे हैं।

डेविड ने आगे बताया कि सड़कों, हाईवे पर जगह-जगह नगा समुदाय के लोगों की नाकेबंदी है। चेक पॉइंट हैं। बिना सिक्योरिटी एस्कॉर्ट के कोई प्राइवेट गाड़ी नहीं चल रही।

मेडिकल इमरजेंसी, एयरपोर्ट जाने के लिए भी नगा के सब-डिवि​जनल ऑफिसर की मंजूरी लेनी पड़ रही है, जो बहुत मुश्किल से मिलती है।

तामेंगलोंग जिले के लीसांगफाई गांव में मंगलवार को दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

तामेंगलोंग जिले के लीसांगफाई गांव में मंगलवार को दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

फरवरी से अब तक 40 मौतें

उखरुल, सेनापति, तामेंगलोंग, चंदेल नगा बहुल, जबकि चूराचांदपुर, कांगपोकपी, फिरजॉल कुकी-बहुल जिले हैं। कांगपोकपी समेत 4 जिलों में दोनों जनजातियां साथ रहती हैं।

इसलिए उग्रवादी दोनों पर हमले कर रहे हैं। इस साल फरवरी में लिटन गांव में हिंसा के बाद से अब तक इस संघर्ष में 40 मौतें हो चुकी हैं।

तांगखुल नगा जनजाति के प्रमुख संगठन यूनाइटेड नगा काउंसिल ने आर्थिक नाकाबंदी की है। संगठन के सचिव एच. जेम्स हाऊ ने बताया- हाईवे से किसी को भी गुजरने की अनुमति नहीं है।

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