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KGMU के यूरोलॉजी विभाग में दवा घोटाले के चलते असाध्य योजना के मरीज इलाज के लिए भटक रहे।
KGMU में दवा घोटाले का खामियाजा अब गरीब और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। असाध्य योजना के तहत नए मरीजों का रजिस्ट्रेशन में टालमटोल किया जा रहा है। वहीं नवीनीकरण भी अटका है। नतीजतन बड़ी संख्या में गरीब मरीजों का इलाज फंस गया ह
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असाध्य योजना के तहत गरीब मरीजों के मुफ्त इलाज का प्रावधान है। इस योजना में सेंधमारी कर करीब ढ़ाई करोड़ रुपये की दवा घोटालेबाज हजम कर गए हैं। यूरोलॉजी विभाग में योजना में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद विभागाध्यक्ष को हटा दिया गया है। तीन संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। जबकि एक नियमित फार्मासिस्ट को निलंबित किया गया है। मुकदमा भी दर्ज कराया गया हैं। वहीं मैंन पावर एजेंसी से वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
दवा घोटाले से योजना पर असर
घोटाले की वजह से डॉक्टर और कर्मचारी असाध्य योजना के तहत नए मरीजों का पंजीकरण करने से कतरा रहे हैं। मरीजों को टरका रहे हैं। वहीं पुराने मरीजों के कार्ड का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है। नतीजतन गरीब मरीज धक्के खा रहे हैं। उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। वार्ड से लेकर मुख्य पीआरओ भवन के बीच मरीज भटक रहे हैं।
लगातार बढ़ रही मरीजों की परेशानी
लखनऊ के सदर क्षेत्र निवासी दुआ खान के परिजनों का कहना है कि मार्च 2025 में बना असाध्य कार्ड होने के बावजूद वे कई दिनों से कार्ड में धनराशि डलवाने के लिए भटक रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी स्पष्ट जवाब देने के बजाय टालमटोल कर रहे हैं।
वहीं, उन्नाव निवासी रामचंद्र का क्लीनिकल हीमैटोलॉजी विभाग में रक्त संबंधी बीमारी का इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार दवा के लिए राशि स्वीकृत कराने पहुंचे तो कर्मचारियों ने कार्ड के नवीनीकरण की बात कही। जबकि उनका कार्ड अक्टूबर 2025 में बना था और इसकी वैधता तीन वर्ष बताई गई थी। इसके बावजूद नवीनीकरण का पेंच फंसाकर प्रक्रिया रोक दी गई है।
ये भी परेशान इसके अलावा उन्नाव निवासी रामचंद्र का क्लीनिकल हीमैटोलॉजी विभाग में रक्त संबंधी बीमारी का इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार दवा के लिए राशि स्वीकृत कराने पहुंचे तो कर्मचारियों ने कार्ड के नवीनीकरण की बात कही। जबकि उनका कार्ड अक्टूबर 2025 में बना था और इसकी वैधता तीन वर्ष बताई गई थी। इसके बावजूद नवीनीकरण का पेंच फंसाकर प्रक्रिया रोक दी गई है।
सीतापुर के महौली निवासी आयुषी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और KGMU में उपचाराधीन हैं। उनका असाध्य कार्ड मार्च 2026 में बना था, लेकिन कार्ड में राशि स्वीकृत न होने से इलाज प्रभावित हो रहा है।