Mahakaleshwar Temple Ujjain | South Indian Food Launch In Annakshetra

उज्जैन39 मिनट पहले

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महाकाल मंदिर के अन्न क्षेत्र की शुरुआत 5 सितंबर 2023 को की गई थी। - Dainik Bhaskar

महाकाल मंदिर के अन्न क्षेत्र की शुरुआत 5 सितंबर 2023 को की गई थी।

महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में अब दक्षिण भारतीय भोजन भी परोसा जा रहा है। मंगलवार से इसकी शुरुआत कर दी गई है। मंदिर प्रशासन ने कहा है कि अब हर मंगलवार और शुक्रवार को यहां आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में साउथ इंडियन डिशेज दी जाएंगी। सावन में यहां फलाहारी भोजन मिलेगा।

महाकाल मंदिर प्रशासन का दावा है कि मध्य प्रदेश में पहली बार किसी मंदिर के अन्नक्षेत्र में ऐसा किया जा रहा है। ये फैसला “विविधता में एकता” की भावना को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

उप प्रशासक सिम्मी यादव ने बताया कि मंगलवार को श्रद्धालुओं को सांभर, इडली, स्टीम राइस, मौसमी सब्जी और पोंगल परोसा जाएगा। शुक्रवार को पुलिहरा, पायसम, रसम, स्टीम राइस और मौसमी सब्जी प्रसाद के रूप में दी जाएगी। अब तक अन्नक्षेत्र में श्रद्धालुओं को दाल, चावल, रोटी, सब्जी और मिठाई परोसी जाती थी।

उन्होंने कहा कि अन्नक्षेत्र में विशेष तौर पर एक शेफ रखा गया है, जो दक्षिण भारतीय भोजन बनाने की ट्रेनिंग देगा। दो कर्मचारी सिर्फ यही डिश बनाएंगे।

महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में मंगलवार को श्रद्धालुओं को दक्षिण भारतीय प्रसाद दिया गया।

महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में मंगलवार को श्रद्धालुओं को दक्षिण भारतीय प्रसाद दिया गया।

बड़े पर्व पर भोजन के पैकेट बांटे जाते हैं

प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि मंदिर की स्मार्ट पार्किंग में स्थित अन्नक्षेत्र का संचालन मंदिर प्रबंध समिति की ओर से किया जा रहा है। इसे 27 करोड़ रुपए की लागत से 2023 में बनाया गया था। इसकी शुरुआत 5 सितंबर 2023 से की गई थी।

दो मंजिला भवन में 370 भक्तों के एक साथ बैठकर भोजन करने की क्षमता है। आम दिनों में यहां रोजाना 9 हजार भक्त आते हैं जबकि पर्वों पर ये संख्या करीब 12 हजार तक पहुंच जाती है।

हर दिन लगता है 350 किलो आटा

अन्नक्षेत्र सुबह 11.30 से रात 9 बजे तक खुला रहता है। शाम 5 से 6 बजे तक सफाई और भोजन बनाने की वजह से इसे अस्थायी रूप से बंद किया जाता है। बड़े पर्व के मौके पर यहां से भोजन के पैकेट बनाकर बांटे जाते हैं।

यहां प्रसाद बनाने के लिए आधुनिक मशीनें लगी हैं। हर दिन 350 किलो आटा, 60 किलो दाल, 125 किलो चावल, 250 किलो सब्जी, 15 किलो तेल लगता है। खीर के लिए 125 किलो दूध, 20 किलो शक्कर, 500 ग्राम सूखे मेवे, 8 किलो चावल चूरी जबकि हलवा के लिए 15 किलो सूजी, 20 किलो शक्कर, एक किलो सूखे मेवे और 10 किलो शुद्ध घी इस्तेमाल होता है।

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महाकाल मंदिर के अन्न क्षेत्र में अब ऑनलाइन दान

श्री महाकालेश्वर मंदिर के अन्न क्षेत्र में दान अब ऑनलाइन किया जा रहा है। दान देने वाले भक्तों को भगवान महाकाल को भोग लगाने का अवसर भी मिलेगा। मंदिर समिति की सहायक प्रशासक सिम्मी यादव के मुताबिक, अब तक यह सुविधा ऑफलाइन थी, जिसमें श्रद्धालुओं को अन्न क्षेत्र पहुंचकर दान करना पड़ता था। पढ़ें पूरी खबर…

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