![]()
झांसी में धान की फसल खराब होने से परेशान किसान ने खेत में बबूल के पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी। सोमवार दोपहर घर पर परिवार के साथ खाना खाने के बाद वह खेत पर गया था। करीब एक घंटे बाद खेत के पास बकरी चरा रहे व्यक्ति ने किसान के बेटे को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को बताया। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाकर जांच कराई, इसके बाद शव को फंदे से उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया। घटना मोठ थाना क्षेत्र के अम्बरगढ़ गांव की है। मृतक की पहचान रमेश चंद्र कुशवाहा (56) पुत्र अर्जुन कुशवाहा के रूप में हुई है। रमेश छह भाइयों में से एक थे। पिता से विरासत में उन्हें गांव में ही दो बीघा जमीन मिली थी। इसी जमीन पर खेती करके वह पत्नी, दो बेटों और बेटी का भरण-पोषण करते थे। बेटी पिंकी और बड़े बेटे पंकज की शादी हो चुकी है, जबकि छोटा बेटा अमित पढ़ाई के साथ खेती में पिता का हाथ बंटाता था। बारिश की उम्मीद में रोपा था धान परिजनों के मुताबिक रमेश को इस साल अच्छी बारिश की उम्मीद थी। इसी भरोसे उन्होंने दो बीघा जमीन में धान की फसल लगाई थी। लेकिन बारिश उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई और फसल खराब हो गई। परिवार के अनुसार रमेश पर करीब दो लाख रुपए का कर्ज भी था। खेती की खराब हालत और कर्ज को लेकर वह परेशान थे। रमेश के छोटे भाई जमुना प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब एक बजे रमेश ने परिवार के साथ बैठकर खाना खाया। इसके बाद वह खेत जाने की बात कहकर घर से निकल गए। करीब एक घंटे बाद खेत के पास बकरी चरा रहे व्यक्ति ने रमेश के बेटे को फोन कर बताया कि उसके पिता ने बबूल के पेड़ पर साड़ी के कपड़े से फंदा बनाकर फांसी लगा ली है। फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य सूचना मिलते ही परिजन खेत पर पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को फंदे से नीचे उतारा गया और पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। जमुना प्रसाद ने बताया कि रमेश के कंधों पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। वह खेती से परिवार का खर्च चलाते थे। फसल खराब होने और कर्ज के कारण वह परेशान चल रहे थे।
Source link
झांसी में बबूल के पेड़ से लटका मिला किसान:बारिश नहीं होने से सूख गई थी धान की फसल, सदमे में लगा ली फांसी